तेलंगाना में बाघिन आशा ने दिया बच्चों को जन्म, एक शावक को दिया शहीद कर्नल संतोष का नाम

तेलंगाना में बाघिन आशा ने दिया बच्चों को जन्म, एक शावक को दिया शहीद कर्नल संतोष का नाम
तेलंगाना: बाघिन ने दिया बच्चों को जन्म (ANI)

हैदराबाद (Hyderabad) के नेहरू जूलॉजिकल पार्क (Nehru Zoological Park) में शनिवार को बाघिन आशा (Asha Tigress) ने तीन शावकों को जन्‍म दिया है. पार्क प्रशासन ने तीन में से एक शावक का नाम 'संतोष' लद्दाख के गलवान घाटी में चीन के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए कर्नल संतोष बाबू (Colonel Santosh Babu) के नाम पर रखा गया है.

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  • Last Updated: August 15, 2020, 9:01 PM IST
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हैदराबाद. तेलंगाना (Telangana) की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad) स्थित नेहरू जूलॉजिकल पार्क (Nehru Zoological Park) में शनिवार को बाघिन आशा ने तीन शावकों को जन्‍म दिया है. पार्क प्रशासन के अनुसार तीनों शावक स्‍वस्‍थ हैं. लद्दाख स्थित भारत चीन-सीमा पर हिंसा झड़प में जान गंवाने वाले कर्नल बी संतोष बाबू (Colonel Santosh Babu) के नाम पर एक शावक का नाम 'संतोष' रखा गया है. जबकि दो शावकों के नाम 'सूर्या' और 'संकल्‍प' रखे गए हैं.

एशियाई शेरों के सरंक्षण के लिए जल्द ही योजना शुरू की जाएगी : प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि उनकी सरकार जल्द ही एशियाई शेरों और उनके आवासन क्षेत्र के सरंक्षण के लिए वृहद योजना शुरू करेगी. भारत के 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने लोगों को पूर्व में शुरू की गई बाघ और हाथी संरक्षण योजनाओं की याद दिलाई. पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक शेर संरक्षण परियोजना में शेरों के पारिस्थितिकी विकास, प्रबंधन में आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल, शेरों को होने वाली बीमारी से बचाव, संबंधित प्रजातियों पर विश्व स्तरीय शोध और पशु चिकित्सा के पहलु शामिल होंगे.





मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस योजना में मानव-वन्य जीवों के बीच होने वाले संघर्ष से निपटा जाएगा, शेरों के आवासन क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय समुदाय को शामिल किया जाएगा और उन्हें जीविकोपार्जन के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे. प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि हाल के दिनों में बाघों और शेरों की आबादी में उल्लेघनीय वृद्धि हुई है. इस साल के शुरू में पार्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात स्थित गिर के जंगलों में रहने वाले एशियाई शेरों की आबादी में करीब 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2015 में शेरों की आबादी 532 थी जो वर्ष 2020 में बढ़कर 674 हो गई.

वर्ष 2018 की गणना के मुताबिक भारत में जंगल में रहने वाले बाघों की आबादी में गत चार साल में 30 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई है. इस समय देश में 2,967 बाघ हैं जबकि वर्ष 2014 में यह संख्या 2226 थी. मोदी ने बाघों की संख्या में वृद्धि को ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’ करार दिया और कहा कि भारत बाघों के लिए दुनिया में सबसे सुरक्षित स्थान है. (भाषा इनपुट के साथ)
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