COVID-19: कर्नाटक और तेलंगाना हो सकते हैं देश के अगले कोरोना हॉटस्‍पॉट

COVID-19: कर्नाटक और तेलंगाना हो सकते हैं देश के अगले कोरोना हॉटस्‍पॉट
देश में बढ़ रहे हैं कोरोना वायरस के मामले.

देश में इस समय कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के हॉटस्‍पॉट राज्‍य हैं महाराष्‍ट्र, तमिलनाडु और दिल्‍ली.

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नई दिल्‍ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के कुल मामले 7 लाख का आंकड़ा पार करके चिंताजनक स्थिति पर पहुंच रहे हैं. दिल्‍ली, महाराष्‍ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्‍यों में तो दिनोंदिन बड़ी संख्‍या में कोरोना वायरस संक्रमण (Covid-19) के मामले सामने आ रहे हैं. अब ऐसी आशंका जताई गई है कि अगर ऐसे ही ये मामले बढ़ते रहे तो कर्नाटक (Karnataka) और तेलंगाना (Telangana) देश में अगले कोविड-19 के हॉटस्‍पॉट (Covid 19 hotspot) बन सकते हैं.

देश में इस समय कोरोना के हॉटस्‍पॉट राज्‍य हैं महाराष्‍ट्र, तमिलनाडु और दिल्‍ली. इनमें तीन कारक एक समान हैं. ये हैं- कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में तेज वृद्धि दर, उच्च पॉजिटिविजटी रेट और शहर का एक बड़ा इलाका या केंद्र जहां बड़ी संख्‍या में मामले बढ़ रहे हैं. इन तीनों राज्‍यों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की देश के कुल मामलों में हिस्‍सेदारी 60 फीसदी के करीब है.

कोरोना वायरस संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित 20 राज्‍यों का इन तीन कारकों के लिहाज से विश्‍लेषण करने पर पता चलता है कि अब देश में अगले कौन से क्षेत्र या राज्‍य कोविड-19 के हॉटस्‍पॉट बन सकते हैं. इस विश्‍लेषण में तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात, असम, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्‍यों के हॉटस्‍पॉट बनने की अधिक आशंका है, लेकिन सर्वाधिक आशंका कर्नाटक और तेलंगाना को लेकर है.




तेलंगाना की बात:
तेलंगाना में मंगलवार तक 25,733 कोविड-19 केस सामने आ चुके हैं. कुल मामलों की संख्‍या के लिहाज से तेलंगाना देश में छठा सबसे प्रभावित राज्‍य है. उसके आगे महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश हैं. पिछले दो हफ्तों में तेलंगाना ने देश में सबसे तेजी से बढ़ती महामारी झेली है. तेलंगाना में पिछले दो हफ्तों में औसतन हर दिन 1,219 नए मामले दर्ज किए गए. इससे पहले दो हफ्ते में यह संख्या सिर्फ 352 थी. नए मामलों में यह वृद्धि राज्य में कोविड 19 के डबलिंग रेट को दर्शाती है. तेलंगाना में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले देश के डबलिंग रेट से भी अधिक दर से बढ़ रहे हैं. देश की यह दर करीब 20.4 दिन है.

27.6% की पॉजिटिविटी रेट के साथ पॉजिटिव आने वाले टेस्‍ट के फीसद के मामले में भी राज्य देश में सबसे खराब है. यह इसी अवधि में राष्ट्रीय औसत का लगभग तीन गुना है- 9.8%. पॉजिटिविटी रेट विशेष रूप से इस बात को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण है कि राज्य में देश में दूसरी सबसे खराब टेस्टिंग रेट है. तेलंगाना में देश के राष्ट्रीय औसत 7,661 के मुकाबले प्रति 10 लाख आबादी पर सिर्फ 3,284 नमूनों का परीक्षण किया गया है. अभी सिर्फ बिहार ही प्रति 10 लाख आबादी पर 2,210 परीक्षणों के साथ सबसे खराब स्थिति में है.

20,535 कुल कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों और 1,419 मौतों के साथ हैदराबाद राज्य में सबसे बुरी स्थिति में है. तेलंगाना में दर्ज किए गए हर पांच मामलों में से चार हैदराबाद से हैं. हैदराबाद में 70 फीसदी मामले सिर्फ दो हफ्ते में सामने आए हैं.

कर्नाटक की बात:
कर्नाटक ने इस समय देश में मामलों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है. मंगलवार को राज्‍य में कुल 25,317 मामलों की पु‍ष्टि की गई. कुल मामलों के लिहाज से कर्नाटक देश का सातवां सबसे प्रभावित राज्‍य है. राज्य में 8.5 दिनों में मामले दोगुने हो रहे हैं. राज्य में पिछले 10 दिनों में विशेष रूप से भारी वृद्धि देखी गई है. पिछले दो हफ्तों में कर्नाटक में हर दिन 1,137 नए मामले दर्ज किए गए. जबकि इससे पहले के दो हफ्तों में यह सिर्फ 260 था.

तेलंगाना देश में पॉजिटिविटी रेट के लिहाज से पहले नंबर पर है. इसके बाद महाराष्ट्र (22%), तमिलनाडु (12%), दिल्ली (11%) और गुजरात (9.7) हैं. कर्नाटक में पॉजिटिविटी रेट 9.4% है. प्रत्येक दस लाख लोगों के लिए 10,978 कोरोना जांच के साथ राज्य ने प्रति 10 लाख आबादी पर 7,661 कोरोना जांच के राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है. मंगलवार तक बेंगलुरु में कोरोना वायरस संक्रमण के 10,561 कुल मामले सामने आए हैं. कर्नाटक के प्रत्येक पांच मामलों में से दो के लिए बेंगलुरु जिम्मेदार है.
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