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अकबरुद्दीन ओवैसी की बढ़ीं मुश्किलें, 15 मिनट पुलिस हटाने के मामले में कोर्ट ने जारी किया समन

Sanjay Tiwari | News18Hindi
Updated: November 28, 2019, 7:10 PM IST
अकबरुद्दीन ओवैसी की बढ़ीं मुश्किलें, 15 मिनट पुलिस हटाने के मामले में कोर्ट ने जारी किया समन
तेलंगाना पुलिस डेढ़ साल से अकबरुद्दीन ओवैसी को तलाश रही है.

तेलंगाना विधानसभा (Telangana Legislative Assembly) में विपक्षी दल के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी (Akbaruddin Owaisi) को तेलंगाना पुलिस (Telangana Police) पिछले डेढ़ साल से समन तामील कराने के लिए तलाश रही है. उन्‍होंने 2012 में 15 मिनट पुलिस हटाने का विवादित बयान दिया था.

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  • Last Updated: November 28, 2019, 7:10 PM IST
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हैदराबाद. असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) के छोटे भाई और तेलंगाना विधानसभा (Telangana Legislative Assembly) में विपक्षी दल के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी (Akbaruddin Owaisi) को तेलंगाना पुलिस (Telangana Police) पिछले करीब डेढ़ साल से एक समन तामील कराने के लिए तलाश रही है. हैरानी की बात यह है कि पुलिस को अकबरुद्दीन ओवैसी नहीं मिल रहे हैं. तेलंगाना के निर्मल जिले की अतिरिक्त जूनियर सिविल जज की अदालत में अकबरुद्दीन ओवैसी को हाजिर होना है. उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने, समाज में विद्वेश फैलाने और देशद्रोह का मामला दर्ज है.

ये है मामला
दरअसल, 22 दिसंबर 2012 को अकबरुद्दीन ओवैसी ने निर्मल जिले में मौजूद गवर्नमेंट जूनियर कॉलेज मैदान में आयोजित एक जलसे में 15 मिनट के लिए पुलिस को हटाने वाला भड़काऊ बयान दिया था. उनके इस बयान पर देशभर में हल्ला मच गया और पुलिस ने एआईएमआईएम के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ 2013 में केस दर्ज किया था, लेकिन मामले की जांच कर अदालत में चार्जशीट पेश करने में पुलिस को 5 साल लग गए. तेलंगाना पुलिस ने मार्च 2018 में अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश कर दी. मामले में छोटे ओवैसी को मुख्‍य आरोपी बताया गया है.

समन तालीम नहीं करा सकी पुलिस

चार्जशीट पेश होने के बाद आरोपी को पेशी पर बुलाने के लिए अदालत समन करती है. निर्मल जिले की अतिरिक्त जूनियर सिविल जज की अदालत ने अकबरुद्दीन ओवैसी को समन जारी किया, लेकिन आज तक पुलिस समन तामील नहीं करा पाई है. इसकी वजह से हर बार तारीख बढ़ जाती है. अब मामले में अगली तारीख 10 दिसंबर तय की गई है.

ओवैसी पर हुआ था जानलेवा हमला
2011 में छोटे ओवैसी पर हुए जानलेवा हमले के बाद से उन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई है. पिछले दिनों तेलंगाना सरकार ने उनकी सुरक्षा और कड़ी कर दी. वो हर समय पुलिस के सुरक्षा घेरे में चलते हैं. बावजूद इसके तेलंगाना पुलिस अकबरुद्दीन ओवैसी का समन तामील नहीं करवा पा रही है. दूसरी तरफ अकबरुद्दीन ओवैसी की भड़काऊ बयानबाजी जारी है. जुलाई 2019 में करीमनगर में अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर 2012 में निर्मल जिले में दिए अपने विवादित बयान की लोगों को याद दिला दी. उन्होंने कहा कि आरएसएस उनसे इसलिए नफरत करती है, क्योंकि 2012 में दिए उनके 15 मिनट वाले बयान से वह अभी तक उबर नहीं पाए हैं. उनके ताजा बयान को लेकर फिर हंगामा मचा, लेकिन पुलिस ने जब अकबरुद्दीन के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया तो कुछ लोगों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया.हैदराबाद की अतिरिक्त चीफ मेट्रोपॉलिटन कोर्ट ने हाल ही में अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ ताजा विवादित बयानबाजी को लेकर हैदराबाद के सैदाबाद पुलिस थाने को आदेश दिया है. पुलिस ने ओवैसी के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. अदालत ने 23 दिसंबर तक पुलिस से रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.

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First published: November 27, 2019, 8:13 PM IST
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