तेलंगानाः दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा ने की आत्महत्या, स्कॉलरशिप न मिलने से थी परेशान

 (प्रतीकात्‍मक फोटो)
(प्रतीकात्‍मक फोटो)

Telangana Topper Suicide: गणित की छात्रा ऐश्वर्या ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट लिखा है. सुसाइड नोट के मुताबिक ऐश्वर्या का परिवार उसकी शिक्षा का खर्च नहीं उठा सकता था. नोट में उसने लिखा कि वह अपने परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहती थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 9, 2020, 6:43 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली स्थित लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमन की एक छात्रा ने 3 नवंबर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि मार्च से छात्रा को स्कॉलरशिप नहीं मिली थी. तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले की निवासी, वह राज्य की 12 वीं कक्षा की परीक्षा की टॉपर थी. छात्रा उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके इसके लिए उसके परिवारवालों ने घर को गिरवी रख दिया था.

गणित की छात्रा ऐश्वर्या ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट लिखा है. सुसाइड नोट के मुताबिक ऐश्वर्या का परिवार उसकी शिक्षा का खर्च नहीं उठा सकता था. नोट में उसने लिखा कि वह अपने परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहती थी और बिना शिक्षा के जीवन नहीं चाहती थी. छात्रा द्वारा आर्थिक परेशानी में इस तरह का कदम उठाए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी छात्रा के लिए न्याय की मांग करते हुए इसे 'संस्थागत हत्या' करार दे रहे हैं.

छात्रा को भारत सरकार से मिल रही थी छात्रवृत्ति
स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का कहना है कि ऐश्वर्या विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार से INSPIRE छात्रवृत्ति प्राप्त कर रही थीं. हालांकि, छात्रवृत्ति में मार्च महीने से ही देरी हो रही थी, जिसके कारण उसने इस तरह का कदम उठाया है.
उन्होंने बताया कि छात्रा ने पहले ही कहा था कि उसके पास इंटरनेट कनेक्शन नहीं है और न ही लैपटॉप है इसलिए वो ऑनलाइन क्लास नहीं ले सकती है. लैपटॉप और इंटरनेट न होने के कारण छात्रा के पास अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण वो काफी परेशान थी.



समिति के सह-संयोजक लीक्ष्मी ने कहा, समिति ने बार-बार एलएसआर प्रशासन को ईमेल भेजे हैं, लेकिन सभी व्यर्थ हैं क्योंकि उन्हें कोई भी सही रिस्पॉन्स नहीं मिला है. छात्रवृत्ति में देरी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की चीजें मेहनती छात्र जो आर्थिक तौर पर कमजोर बैकग्राउंड से हैं उनकी मेहनत को कमजोर बताती है.



कई संगठनों ने की घटना की निंदा
कई संगठनों ने इस घटना की निंदा की है, साथ ही यह भी इंगित किया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जूनियर रिसर्च फैलोशिप (जेआरएफ) और सीनियर रिसर्च फेलोशिप (एसआरएफ) को भी भंग कर दिया है. फिलहाल इस मामले की जांच जारी है.
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