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प्रभु जगन्नाथ के भक्तों के लिए खुशखबरी, अब बिना कोविड जांच रिपोर्ट के होंगे दर्शन

वर्तमान व्यवस्था 20 जनवरी तक प्रभावी रहेगी. लेकिन 21 जनवरी, 2021 के बाद कोविड टेस्ट रिपोर्ट (Covid-19 Test Report) की दरकार नहीं पड़ेगी. प्रतिदिन 30,000 भक्तों को दर्शन की सुविधा सुलभ करायी जाएगी.
वर्तमान व्यवस्था 20 जनवरी तक प्रभावी रहेगी. लेकिन 21 जनवरी, 2021 के बाद कोविड टेस्ट रिपोर्ट (Covid-19 Test Report) की दरकार नहीं पड़ेगी. प्रतिदिन 30,000 भक्तों को दर्शन की सुविधा सुलभ करायी जाएगी.

वर्तमान व्यवस्था 20 जनवरी तक प्रभावी रहेगी. लेकिन 21 जनवरी, 2021 के बाद कोविड टेस्ट रिपोर्ट (Covid-19 Test Report) की दरकार नहीं पड़ेगी. प्रतिदिन 30,000 भक्तों को दर्शन की सुविधा सुलभ करायी जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 10, 2021, 9:30 PM IST
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पुरी. ओडिशा (Odisha) के पुरी (Puri) स्थित विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ मंदिर (Lord Jagannath Temple) में दर्शन के इच्छुक भक्तों के लिए अच्छी खबर है. अब उनको मंदिर प्रवेश से पहले कोविड जांच (Covid Test) की निगेटिव रिपोर्ट दिखाने की जरुरत नहीं पड़ेगी, लेकिन नई व्यवस्था 21 जनवरी से लागू होगी. मंदिर प्रबंधन ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद यह फैसला लिया.

भगवान जगन्नाथ मंदिर लॉकडाउन के बाद 3 जनवरी से भक्तों के लिए खुला था. लेकिन प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर कई बंदिशें और शर्ते लगा रखी थी. उसमें बड़ी शर्त थी कि दर्शनार्थियों को पहले कोविड टेस्ट कराना अनिवार्य था. निगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही दर्शन की अनुमति मिलती थी.

21 जनवरी से NO COVID-19 REPORT
मंदिर प्रबंधन ने रविवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस नियम में ढील देने का फैसला किया. श्रीजगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था 20 जनवरी तक प्रभावी रहेगी. लेकिन 21 जनवरी, 2021 के बाद कोविड टेस्ट रिपोर्ट की दरकार नहीं पड़ेगी. प्रतिदिन 30,000 भक्तों को दर्शन की सुविधा सुलभ करायी जाएगी. वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizen) के लिए अलग से लाइन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उनको दर्शन में दिक्कत ना हो.
विश्व प्रसिद्ध है पुरी का जगन्नाथ मंदिर


ओडिशा के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर अपनी स्थापत्य कला के चलते दुनिया भर में प्रसिद्ध है और सनातन आस्था का महान केन्द्र है. भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होने के चलते यह वैष्णव संप्रदाय का प्रमुख तीर्थ है. मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्रीकृष्ण, उनकी बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र के तीन विग्रह हैं. खास बात ये है कि ये तीनों विग्रह काष्ठ यानि लकड़ी के हैं.

हिन्दुओं के चार धामों में एक है पुरी, जहां की रथयात्रा दुनिया भर में प्रसिद्ध है. मंदिर का निर्माण कलिंगा किंग राजा अनंतवर्मन चोडगंगदेव के शासनकाल में 1078 ई. में आरंभ हुआ.

मंदिर का वर्तमान स्वरुप पुरी के राजा अनंग भीम देव की देन है.
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