कोविड-19: विदेश से 50 हजार मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन मंगाएगी केंद्र सरकार, 12 राज्यों ज्यादा जरूरत

ऑक्सीजन सिलेंडर (सांकेतिक फोटो)

ऑक्सीजन सिलेंडर (सांकेतिक फोटो)

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 6:01 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र ने गुरुवार को कहा कि कोविड-19 (Coronavirus In India) के बढ़ते मामलों के चलते 50,000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के लिए निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी, जबकि इसके संसाधनों और उत्पादन क्षमता का अत्यधिक मामलों वाले 12 राज्यों की जरूरतों को पूरा करने के लिए चिह्नीकरण किया गया है. इसने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) को इसके लिए कॉन्ट्रैक्ट प्रक्रिया को पूरा करने और विदेश मंत्रालय (MEA) के मिशनों द्वारा चिह्नित आयात के लिए संभावित संसाधन तलाशने का भी निर्देश दिया गया है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह इस संबंध में आदेश जारी कर रहा है और इसे गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया जाएगा. जरूरत वाले इन 12 राज्यों में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान शामिल हैं.

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मेडिकल ऑक्सीजन का तर्कसंगत उपयोग करें राज्य में तालमेल रखना होगा: केन्द्र
केन्द्र ने गुरुवार को राज्यों से कहा है कि वे मेडिकल ऑक्सीजन का विवेकपूर्ण उपयोग करें और यह सुनिश्चित करें कि ऑक्सीजन की बर्बादी न हो. उसने यह भी कहा कि देश में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. केंद्र ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के साथ मेडिकल ऑक्सीजन की खपत को राज्यों की आवश्यकताओं के साथ तालमेल रखना होगा.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 रोगियों के इलाज में मेडिकल ऑक्सीजन महत्वपूर्ण घटक है. महामारी से प्रभावित राज्यों को मेडिकल ऑक्सीजन समेत जरूरी चिकित्सा उपकरण मुहैया कराने के लिये मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान अधिकारियों के अंतर मंत्रालयी शक्तिसंपन्न समूह का गठन किया गया था. मंत्रालय ने कहा, 'ऑक्सीजन निर्माण इकाइयों में उत्पादन बढ़ाया गया है. पहले से स्टॉक मौजूद है. फिलहाल ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में मौजूद है.'

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इसके अलावा जरूरत के हिसाब से राज्यों को ऑक्सीजन की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये नियंत्रण कक्ष बनाने और सिलेंडरों तथा टैंकरों की आवश्यकता की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया है. बयान के अनुसार, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय और इस्पात मंत्रालय के साथ उद्योग एवं आंतरिक कारोबार प्रोत्साहन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा संयुक्त रूप से संक्रमण की उच्‍च संख्‍या वाले राज्‍यों की दैनिक समीक्षा की जा रही है. इन बैठकों में ऑक्‍सीजन विनिर्माता तथा इस्‍पात इकाइयां भी उपस्थित रहती हैं.



मंत्रालय के अनुसार, देश में ऑक्सीजन के लिए लगभग 7,127 एमटी की पर्याप्त उत्पादन क्षमता है और आवश्यकतानुसार, इस्‍पात संयंत्रों के पास उपलब्ध अधिशेष ऑक्सीजन को भी उपयोग में लाया जा रहा है. देश में प्रतिदिन 7,127 एमटी ऑक्सीजन की दैनिक उत्पादन क्षमता है.



ईजी-2 द्वारा निर्देश दिया गया है पिछले दो दिनों से कुल उत्पादन 100 प्रतिशत रहा है, क्योंकि मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति बहुत तेजी से बढ़ी है. 12 अप्रैल 2021 को, देश में मेडिकल ऑक्सीजन की खपत 3,842 एमटी थी, जो कि दैनिक उत्पादन क्षमता का 54 प्रतिशत है. बयान के अनुसार, ‘विनिर्माण संयंत्रों के साथ औद्योगिक ऑक्सीजन स्टॉक सहित देश का वर्तमान ऑक्सीजन स्टॉक 50,000 एमटी से अधिक है. ऑक्सीजन विनिर्माण इकाइयों में उत्पादन में वृद्धि और उपलब्ध सरप्‍लस स्टॉक के साथ, ऑक्सीजन की वर्तमान उपलब्धता पर्याप्त है.’ (भाषा इनपुट के साथ)
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