4 दिन से कूचबिहार की हवा में तैर रहा था तनाव, दिलीप घोष पर हमले ने किया था इशारा

चुनाव आयोग ने नेताओं के कूच बिहार जाने पर 72 घंटों की रोक लगा दी है. (सांकेतिक तस्वीर)

चुनाव आयोग ने नेताओं के कूच बिहार जाने पर 72 घंटों की रोक लगा दी है. (सांकेतिक तस्वीर)

सीतलकूची (Sitalkuchi) में भले ही यह घटना आज हुई हो लेकिन यहां के वातावरण में तनाव का माहौल बीते चार दिनों से चल रहा था. 7 अप्रैल को कूच बिहार के नजदीकी इलाके में हुई रैली में ममता बनर्जी ने लोगों से सशस्त्र बलों के घेराव की बात कही थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2021, 12:02 AM IST
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अमन शर्मा

कोलकाता.
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) में चौथे चरण की वोटिंग के दिन शनिवार को कूचबिहार में सीतलकूची (Sitalkuchi) इलाके में सीआईएसएफ ने कथित तौर पर गोलियां चलाईं जिसमें चार लोगों की मौत हो गई. सीतलकूची में भले ही यह घटना आज हुई हो लेकिन यहां के वातावरण में तनाव का माहौल बीते चार दिनों से चल रहा था. 7 अप्रैल को कूच बिहार के नजदीकी इलाके में हुई रैली में ममता बनर्जी ने लोगों से सशस्त्र बलों के घेराव की बात कही थी.

दरअसल ममता ने कहा था कि अगर लोगों को वोट देने से रोका जाए तो वो सुरक्षा बलों का घेराव करें. फिर बाद में उसी दिन राज्य बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष पर सीतलकूची इलाके में हमला हुआ. आरोप लगे कि इसे टीएमसी काडर ने अंजाम दिया है. कहा गया कि ये काडर ममता की रैली से लौट कर आ रहे थे. इसके बाद टीएमसी की तरफ से पास की एक सीट के अपने प्रत्याशी पर हमले की बातें कही गईं. ये सब कुछ एक बड़े तनाव की तरफ इशारा कर रहे थे.

चुनाव आयोग का आदेश- 72 घंटे तक क्षेत्र में नहीं जाएंगे किसी पार्टी के नेता
अब आज की घटना में हुई चार लोगों की मौत टीएमसी के लिए राजनीतिक लाइफलाइन के तौर भी काम कर सकती है. मरने वाले सभी अल्पसंख्यक समुदाय के हैं. चुनाव का बिल्कुल मध्य समय चल रहा है और टीएमसी लगातार सुरक्षा बलों पर केंद्र के दबाव में काम करने के आरोप लगाती रही है. हालांकि चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के रविवार को सीतलकूची जाने के प्लान पर एक तरीके से रोक लगा दी है. क्योंकि शनिवार को ही चुनाव आयोग ने क्षेत्र में किसी भी पार्टी के किसी भी नेता को 72 घंटे तक जाने से रोक लगा दी है. चुनाव आयोग ने कहा है कि इससे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है. टीएमसी घटना के विरोध में पूरे राज्य में प्रदर्शन की तैयारी में है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा तक मांग लिया है.

घोष की भविष्यवाणी सहित साबित हुई!

अगर घटनाओं का सूक्ष्म विश्लेषण किया जाए तो पता चलता है कि टकराव की स्थिति तब बनी जब दिलीप घोष ने चुनाव आयोग से ममता बनर्जी के उकसाऊ भाषणों पर रोक लगाने की मांग की. उन्होंने कहा-उकसाऊ भाषणों से एक समुदाय को आक्रोशित किया जा रहा है और इसके परिणामस्वरूप राज्य में खून की नदियां बह सकती हैं. अगर देखा जाए तो दिलीप घोष की ये भविष्यवाणी शनिवार को सही साबित हुई. घोष ने कहा था कि उन पर टीएमसी काडर की तरफ से बम से हमला किया गया.



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज की रैली में ममता बनर्जी के उकसाऊ भाषणा का जिक्र कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने लोगों को सुरक्षा बलों के खिलाफ भड़काया.

सीआईडी से जांच कराने की कही बात

अब राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वादा किया है कि राज्य की सीआईडी मामले में जांच करेगी. वहीं पीएम मोदी ने चुनाव आयोग से कहा है कि वह इस मामले की पूरी जांच कर दोषियों को दंडित करे. सीतलकूची सीट पर लड़ाई तगड़ी है क्योंकि यहां पर टीएमसी 2011 और 2016 दोनों बार चुनाव जीत चुकी है. 2019 के लोकसभा चुनाव में जब बीजेपी ने उत्तर बंगाल की सभी सीटों पर परचम लहराया तब भी टीएमसी को यहां ज्यादा वोट मिले थे.
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