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टेरर फंडिंग मामला : अब 23 अक्टूबर तक जेल में ही रहेगा यासीन मलिक

News18Hindi
Updated: October 4, 2019, 5:52 PM IST
टेरर फंडिंग मामला : अब 23 अक्टूबर तक जेल में ही रहेगा यासीन मलिक
यासीन मलिक टेरर फंडिंग मामले में आरोपी है.

NIA की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट में अलगाववादी नेताओं के सीमा पार रिश्ते भी सामने आए हैं.

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  • Last Updated: October 4, 2019, 5:52 PM IST
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नई दिल्ली. टेरर फंडिंग मामले में आरोपी यासीन मलिक (Yasin malik) की हिरासत अवधि 23 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दी गई है.   आतंकी मामलों की जांच करने वाली एजेंसी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) एनआईए ने आतंकवाद के वित्तपोषण (Terror Funding) से जुड़े साल 2017 के मामले में जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक, अन्य के खिलाफ दिल्ली की अदालत में सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया.

आतंकवाद के वित्त पोषण के 2017 के मामले में दायर आरोप पत्र में कश्मीरी अलगाववादियों आसिया अंद्राबी, शब्बीर शाह, मसरत आलम भट्ट के नाम भी आरोपियों के रूप में हैं.

बता दें अलगाववादी यासीन मलिक को साल 2017 के आतंकी फंडिंग मामले के सिलसिले में दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया.

सीमा पार से रिश्तों की मिली जानकारी

समाचार एजेंसी ANI के अनुसार एनआईए अधिकारियों के जानकारी दी कि ताजा सामग्री सोशल मीडिया साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य के रूप में सामने आई है.

इसमें सीमा पार से आरोपी हाफिज सईद और सैयद सलाउद्दीन के संबंध में आरोप लगाए गए व्यक्तियों के संबंध का पता चलता है.

इस मामले में जमात-उद-दावा (JuD) प्रमुख हाफिज सईद, 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों का मास्टरमाइंड, अलगाववादी नेताओं के अलावा, पूर्व विधायक इंजीनियर शेख अब्दुल रशीद का भी नाम शामिल है.
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यासीन मलिक लश्कर और तहरीक उल मुजाहिद्दीन के सम्पर्क में
सूत्रों के मुताबिक अलगाववादी नेता और आरोपी यासीन मलिक के घर से एनआईए को एक डिजिटल डायरी मिली थी जिसमे आतंकी हाफिज सईद के संगठन जमात उद दावा से पैसे लेने का जिक्र था. इसके अलावा यासीन मलिक के ईमेल यानी हॉटमेल की आईडी से कई मेल मिले थे जिससे साफ जाहिर होता है कि यासीन मलिक लश्कर और तहरीक उल मुजाहिद्दीन के सम्पर्क में था.

साथ ही राशिद इंजीनयर और मशरत आलम के यहां भी छापेमारी में एनआईए के हाथ ऐसे सबूत लगे थे जिससे साफ जाहिर होता है कि दोनों हाफिज सईद के संगठन से जुड़े हुए थे और वहां से फंडिंग आती थी.

सरहद पार यानी पाकिस्तान से हो रही फंडिंग से घाटी में पथरबाजी, आगजनी और हिंसा फैलाने का काम हो रहा था. आरोपी यासीन मलिक और अन्य को इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था और लंबे अरसे से ये सभी सलाखों के पीछे है.

अमित कुमार सिंह के इनपुट के साथ

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First published: October 4, 2019, 4:47 PM IST
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