बॉर्डर पर आतंकी और तस्करों से लोहा लेते हुए देश में कोरोना की लड़ाई में साथी बना BSF

बॉर्डर पर आतंकी और तस्करों से लोहा लेते हुए देश में कोरोना की लड़ाई में साथी बना BSF
बीएसएफ ने बीते दिनों कई आतंकी और तस्‍करी की कोशिशों को नाकाम किया है.

देश में व्याप्त वर्तमान परिस्थितियों में सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा, तस्करी व कोरोना (Corona) जनित समस्याओं से एक-साथ लोहा ले रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2020, 1:37 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश-दुनिया में कोरोना वायरस (COVID-19) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. कोरोना महामारी (Corona Epidemic) से इस लड़ाई में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. भारत में भी इस बीमारी की रोकथाम के लिए केंद्र और राज्य सरकारें एकजुट होकर काम कर रही हैं. इस लड़ाई में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाला सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) भी अहम भूमिका निभा रहा है.

देश के विभिन्न इलाकों में तैनात BSF के जवान, बाहरी मोर्चे पर जहां दुश्मनों से लोहा ले रहे हैं. वहीं आंतिरक मोर्चे पर भी बल के जवान ड्यूटी कर रहे हैं. देश की मौजूदा परिस्थितियों में जहां निजी और कई सरकारी कंपनियों के कर्मचारी घरों में रहकर 'WORK FROM HOME' के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं. वहीं, BSF न केवल सीमा पर, बल्कि आम लोगों की सहायता से जुड़े मोर्चों पर भी दिन-रात डटा हुआ है.

आतंकी और तस्‍करी की कोशिशों पर लगाम



कोरोना काल में भी देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक आतंकी व तस्कर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. लॉकडाउन के बाद भी देश की पूर्वी व पश्चिमी सीमाओं पर होने वाली गतिविधियों के ग्राफ में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ है. देश के पश्चिमी मोर्चों पर जहां लॉकडाउन के बाद से लगभग 18 किग्रा हेरोइन जब्त की गई है. वहीं, बांग्लादेश से लगती देश की पूर्वी व पूर्वोत्तर सीमाओं में केवल पश्चिम बंगाल से ही अभी तक लगभग 14000 फेंसिडिल, 2000 याबा टेबलेट्स, 75 किग्रा से अधिक अन्य नशीले पदार्थ BSF ने जब्त किए हैं.



असम, मेघालय और त्रिपुरा आदि से हुई जब्तियों में अभी तक 250 से अधिक पशुधन, लगभग 8000 याबा टेबलेट्स, लगभग 2000 फेंसिडिल और 250 किग्रा से अधिक अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी के प्रयासों को सीमा प्रहरियों ने नाकाम कर दिया है. सीमावर्ती संवेदनशीलता को देखते हुए गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत तारबंदीविहीन व संवेदनशील सीमाओं पर निगरानी और कड़ी कर दी गई है.

सामाजिक दायित्‍वों को निभाने में भी आगे

देश की सीमा की रक्षा के साथ-साथ BSF के जवान कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में डटे हुए हैं. COVID-19 के खिलाफ इस जंग में सीमा सुरक्षा बल अपने 14 सीमांतों, प्रशिक्षण संस्थानों व देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित अपने कार्यस्थलों के माध्यम से काम कर रहा है. एक तरफ जहां यह बल साफ-सफाई, सोशल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क व सेनेटाइजर का प्रयोग और घरों में रहने को लेकर जागरूकता अभियान चला रहा है. वहीं दूसरी ओर लॉकडाउन से प्रभावित हुए परिवारों व प्रवासी मजदूरों को सामाजिक संगठनों, एनजीओं व स्वयं के सामूहिक प्रयासों के माध्यम से खान-पान की सामग्री भी उपलब्ध करवा रहा है.

देश के विभिन्न स्थानों पर BSF के जवान इस बात का भी ध्यान रख रहे हैं कि लोगों को खाद्य सामग्री के साथ-साथ पीने योग्य पानी, फल एवं सब्जी सुलभता से मिले. BSF के मेडिकल ऑफिसर इस काम में मदद कर रहे हैं. वे लोगों को साफ-सफाई, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क का प्रयोग आदि के संबंध में जागरूक कर रहे हैं. आंशिक रूप से प्रभावित व संभावित लोगों की पहचान हेतु बल के स्वास्थ्य अधिकारी नजदीकी से अपनी नजर बनाए हुए हैं.

मदद के लिए आगे आए बीएसएफ अधिकारियों के परिजन

कोरोना से बचाव के लिए मास्क की जरूरत को देखते हुए BSF के संगठन ‘बावा’ (बीएसएफ वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन) और परिवार कल्याण केंद्र भी जनहित के काम में जुटे हुए हैं. बल से जुड़े कार्यों के लिए प्रशिक्षित दर्जी मास्क सिलाई के काम में लगे हुए हैं. इनके बनाए मास्क सीमावर्ती इलाकों के लोगों व जरूरमंदों के बीच बांटे जा रहे हैं. यह बल अपने प्रयासों से अभी तक देश के विभिन्न सीमावर्ती राज्यों जिसमें गुजरात, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर , पंजाब, पश्चिम बंगाल, मेघालय सहित पश्चिमी व पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्य शामिल हैं, के लाखों सीमावर्ती लोगों को लाभान्वित कर चुका है.

 



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