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2021 में जम्मू-कश्मीर में कम हुए आतंकवादी हमले, 35 जवान हुए शहीद: केंद्र ने संसद में बताया

2021 में जम्मू-कश्मीर में कम हुए आतंकवादी हमले, 35 जवान हुए शहीद: केंद्र ने संसद में बताया

रक्षा राज्‍य मंत्री अजय भट्ट ने राज्‍यसभा को जानकारी दी.  (फाइल फोटो)

रक्षा राज्‍य मंत्री अजय भट्ट ने राज्‍यसभा को जानकारी दी. (फाइल फोटो)

Parliament Winter Session: केंद्रीय रक्षा राज्‍य मंत्री अजय भट्ट ने सोमवार को राज्‍यसभा (Rajyasabha) को बताया कि मौजूदा साल में 15 नवंबर तक जम्‍मू कश्‍मीर (jammu kashmir ) में आतंकवादियों के हमले (Terrorist Attacks) की 196 घटनाएं हुईं हैं, जो बीते तीन सालों में सबसे कम हैं. वहीं इस साल शहीद जवानों की संख्‍या में भी कमी आई है. उन्‍होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में पिछले तीन साल के दौरान आतंकवादियों के हमलों की 1,033 घटनाएं हुईं और उनमें से सबसे अधिक 594 घटनाएं 2019 में दर्ज की गयीं थीं.

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    नयी दिल्ली. केंद्रीय रक्षा राज्‍य मंत्री अजय भट्ट ने सोमवार को राज्‍यसभा (Rajyasabha) को बताया कि मौजूदा साल में 15 नवंबर तक जम्‍मू कश्‍मीर (jammu kashmir ) में आतंकवादियों के हमले  (Terrorist Attacks) की 196 घटनाएं हुईं हैं, जो बीते तीन सालों में सबसे कम हैं. वहींं इस साल शहीद जवानों की संख्‍या में भी कमी आई है.  उन्‍होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में पिछले तीन साल के दौरान आतंकवादियों के हमलों की 1,033 घटनाएं हुईं और उनमें से सबसे अधिक 594 घटनाएं 2019 में दर्ज की गयीं थीं. उन्होंने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में पिछले साल 244 आतंकवादी हमले हुए थे.

    रक्षा राज्‍य मंत्री अजय भट्ट ने बताया कि तीन सालों की अवधि के दौरान आतंकवाद विरोधी अभियान में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) जवानों सहित कुल 177 कर्मियों शहीद हुए थे. इनमें से 2019 में 80, 2020 में 62 और चालू वर्ष (23 नवंबर तक) में 35 कर्मी शहीद हुए हैं. मंत्री पिछले तीन वर्षों के दौरान देश में आतंकवादी हमलों की संख्या और हमलों में सर्वोच्‍च बलिदान देने वाले सशस्त्र बलों के जवानों की संख्या पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे.

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    उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि सरकार ने तटीय, अपतटीय और समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई उपाय किए हैं. इनमें समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता में वृद्धि, तटीय और अपतटीय क्षेत्रों की तकनीकी निगरानी बढ़ाना और अंतर-एजेंसी समन्वय के लिए तंत्र की स्थापना शामिल हैं. भट्ट ने कहा कि समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना के पोतों और विमानों को हिंद महासागर क्षेत्र में ‘मिशन आधारित तैनाती’ के तहत नियमित रूप से तैनात किया जाता है.

    उन्होंने कहा कि ये भारत सरकार के क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास (सागर) के दृष्टिकोण और समुद्री सुरक्षा रणनीति के अनुरूप हैं.  इससे हमारे विस्तारित समुद्री पड़ोस में ‘पसंदीदा सुरक्षा भागीदार’ के रूप में अपनी भूमिका का निर्माण किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यह समुद्री डोमेन जागरूकता बढ़ाने और उत्पन्न होने वाली आकस्मिकताओं को दूर करने के लिए निगरानी भी करता है.

    Tags: Jammu kashmir, Parliament Winter Session, Rajyasabha, Terrorist Attacks

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