Home /News /nation /

कश्मीर में घुसपैठ के लिए अब उन पहाड़ियों पर चढ़ रहे आतंकी, जहां सेना भी नहीं जाती

कश्मीर में घुसपैठ के लिए अब उन पहाड़ियों पर चढ़ रहे आतंकी, जहां सेना भी नहीं जाती

आतंकी कश्मीर में घुसपैठ करने के लिए उन ऊंची-ऊंची पहाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं

आतंकी कश्मीर में घुसपैठ करने के लिए उन ऊंची-ऊंची पहाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं

सुरक्षा एजेंसी (Security Agency) के अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) 60 आतंकियों (Terrorist) को कश्मीर (Kashmir) में भेजने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है. कश्मीर में घुसपैठ के लिए अब आतंकियों ने वो रास्ता अपना है, जिसके बारे में सेना को भी खबर नहीं थी.

अधिक पढ़ें ...
  • News18Hindi
  • Last Updated :
    श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में आर्टिकल 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद से आतंकी (Terrorist) गतिविधियों पर लगाम लगी है. कश्मीर (Kashmir) में शांति पाकिस्तान (Pakistan) को रास नहीं आ रही है. कश्मीर का माहौल बिगाड़ने के लिए पाकिस्तान के आतंकी लगातार घुसपैठ की कोशिश में लगे हुए हैं. सुरक्षा एजेंसियों (Security Agency) के अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना 60 से ज्यादा आतंकियों को कश्मीर में भेजने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है. कश्मीर में घुसपैठ के लिए अब आतंकियों ने वो रास्ता अपना है, जिसके बारे में सेना को भी खबर नहीं थी. बताया जाता है कि आतंकी कश्मीर में घुसपैठ करने के लिए उन ऊंची-ऊंची पहाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं जहां सेना के जवान मौजूद नहीं होते.

    खुफिया जानकारी के मुताबिक सीमा पार से उत्तरी कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों तथा जम्मू क्षेत्र के पुंछ और राजौरी इलाकों से घुसपैठ में वृद्धि हुई है. हालांकि, सीमा पार से आतंकवादियों की घुसपैठ के बारे में सेना की ओर से आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई है. नियंत्रण रेखा से घुसपैठ के सफल और असफल प्रयासों के बारे में जानने के लिए हाल में हुई एक बैठक में सेना के प्रतिनिधि को कश्मीर क्षेत्र के गुरेज, माछिल और गुलमर्ग सेक्टरों के ऊंचाई वाले इलाकों तथा जम्मू क्षेत्र के पुंछ और राजौरी इलाकों में आतंकी घुसपैठ के संबंध में विभिन्न एजेंसियों द्वारा जुटाए गए साक्ष्य सौंपे गए.

    Jammu and Kashmir, Article 370, Terrorists, Kashmir, Pakistan, Infiltration, Security Agency,
    जम्मू क्षेत्र के पुंछ और राजौरी इलाकों से घुसपैठ में वृद्धि हुई है.


    जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया था कि नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ के कई प्रयास हुए, जिनमें से ज्यादातर को विफल कर दिया गया है. उन्होंने इस संभावना से इनकार नहीं किया कि हो सकता है कुछ आतंकी घुसपैठ करने में सफल हो गए हों. उन्होंने कहा कि ऐसे आतंकियों को पकड़ने के लिए कश्मीर में सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है. गौरतलब है कि गुलमर्ग के ऊंचाई वाले क्षेत्रों को 1990 के दशक में मध्य कश्मीर में घुसपैठ के लिए इस्तेमाल किया जाता था.

    इसे भी पढ़ें :- भारतीय सेना ने पाकिस्तानी 'BAT' की घुसपैठ को किया नाकाम, देखें VIDEO

    Jammu and Kashmir, Article 370, Terrorists, Kashmir, Pakistan, Infiltration, Security Agency,
    पाकिस्तानी सेना 60 से ज्यादा आतंकियों को कश्मीर में भेजने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है.


    आतंकियों ने घुसपैठ के लिए अपनाया नया रास्ता
    साल 2014 में सेना तब आश्चर्यचकित रह गई थी जब उधमपुर में बीएसएफ के वाहन पर आत्मघाती हमले के प्रयास के बाद पकड़े गए आतंकवादी नवीद ने पूछताछ में बताया कि वे गुलमर्ग के ऊंचाई वाले क्षेत्र में 'उस्ताद पोस्ट' से घुसपैठ कर कश्मीर घाटी पहुंचे थे. अधिकारियों ने कहा कि हालांकि, अब प्रतीत होता है कि घाटी में घुसपैठ के लिए यही रास्ता अपनाया गया है. इनमें से कुछ लोग दक्षिण कश्मीर के बडगाम और पुलवामा के कई हिस्सों में दिखे हैं. उन्होंने कहा कि आतंकवादियों का एक समूह पाखेरपुरा के जरिए अशांत पुलवामा जिला पहुंचने से पहले बाबा रेशी पहुंचा. अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों का एक अन्य समूह बडगाम जिला पहुंचा है. उन्होंने कहा कि इन आतंकवादियों ने भारी गोलाबारी की आड़ में गुरेज, माछिल और तंगधार सेक्टरों से घुसपैठ की. इस घुसपैठ का अहसास तब हुआ जब सुरक्षा एजेंसियों को गंदेरबल क्षेत्र में नए चेहरे दिखाई देने लगे.

    इसे भी पढ़ें :- कश्‍मीर में पाबंदी: वकील नहीं पहुंचे हाईकोर्ट, CJI रंजन गोगोई बोले-मामला गंभीर मैं खुद श्रीनगर जाऊंगा

    Tags: Article 370, Jammu, Jammu and kashmir, Jammu kashmir, Pakistan, Pakistan army, Terrorist, Terrorist attack

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर