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  • TERRORISTS IN JAMMU KASHMIR HIDE IN BUNKERS UNDER TOILET SEASONAL STREAMS TO EVADE SECURITY FORCES

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के खौफ के चलते शौचालयों के नीचे बंकर बना कर छिप रहे आतंकवादी

जम्मू-कश्मीर के आतंकियों में शौचालयों के नीचे बंकर बना कर उसमें छिपने का एक नया चलन देखने को मिल रहा है (सांकेतिक फोटो)

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (Jammu and Kashmir DGP) दिलबाग सिंह ने कहा, 'भूमिगत बंकर और अस्थायी गुफा कोई नयी बात नहीं है. दक्षिण कश्मीर (South Kashmir) में ऐसे कई उदाहरण मिले हैं. एक बार तो आतंकवादी एक शौचालय के सेप्टिक टैंक (Septic Tank) में छिपे हुए थे.'

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    श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में सुरक्षा बलों (Security Forces) की कार्रवाई से बचने के लिये आतंकवादी संगठनों (Terrorist Organisations) के शौचालयों के नीचे बंकर (Bunker under toilet) बना कर उसमें छिपने का एक नया चलन देखने को मिल रहा है. पुलिस और सेना (Police and Army) के अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा बलों के साथ हुईं विभिन्न मुठभेड़ (Encounters) में कई आतंकवादियों के मारे जाने के बाद आतंकवादी संगठन और उनसे सहानुभूति रखने वालों पर छिपने के लिये नये ठिकाने ढूंढने का दबाव बढ़ रहा है. इसकी एक वजह यह भी है कि स्थानीय आबादी (Local Population) के साथ रहते हुए आतंकवादियों को बड़ा खतरा महसूस होने लगा है.

    जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (Jammu and Kashmir DGP) दिलबाग सिंह ने कहा, 'भूमिगत बंकर और अस्थायी गुफा कोई नयी बात नहीं है. दक्षिण कश्मीर (South Kashmir) में ऐसे कई उदाहरण मिले हैं. एक बार तो आतंकवादी एक शौचालय के सेप्टिक टैंक (Septic Tank) में छिपे हुए थे.' इस साल मार्च में अनंतनाग (Anantnag) के वटरीगाम इलाके में एक अस्थायी गुफा का पता लगाने वाले सेना के दल के एक अधिकारी ने घटना के बारे में बताते हुए कहा उन्होंने एक घर के अंदर शौचालय (Toilet) के आसपास सफेद सीमेंट लगा हुआ देखा, जहां आतंकवादियों (Terrorists) की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी.

    शौचालय में छिपे लश्कर के चार आतंकी मारे गये
    अधिकारी ने मार्च में हुए उस अभियान को याद करते हुए बताया, 'हमें भटकाने के लिये शौचालय की सीट पर मानव मल पड़ा हुआ था, लेकिन टूटी हुई टाइलें और हाल ही में डाले गए सफेद सीमेंट ने यह भेद खोल दिया. हमने शौचालय की खुदाई शुरू की तो नीचे से गोलीबारी हुई. जवाबी कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा के चार आतंकवादी मारे गए.'

    सैन्य अधिकारियों के अनुसार 2019 में दक्षिण कश्मीर के पुलवामा-शोपियां सीमा पर लस्सीपुरा इलाके में भी ऐसी ही घटना देखने को मिली, जब छिपे हुए आतंकवादियों का पता लगाने के लिये छह बार एक घर की तलाशी ली गई. आखिर में उन्हें ढूंढने के लिये सेप्टिक टैंक की खुदाई की गई.

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    हाल ही में पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर रेंज) विजय कुमार और उप महानिरीक्षक (दक्षिण) ए के गोयल के साथ मौजूद डीजीपी सिंह ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया था, 'हमने विशेष रूप से दक्षिण कश्मीर में आतंकवादियों के कई ठिकानों में रसोई, स्नानघर और सभा कक्ष में अस्थायी दीवारें देखी हैं.' सेना आतंकवादियों के ठिकानों और भूमिगत बंकरों का पता लगाने के लिये ड्रोन का भी इस्तेमाल कर रही है.