मातोश्री को बम से उड़ाने की थी साजिश, ठाकरे ने खाली करा दिया था बंगला

उस समय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शरद पवार ने बाल ठाकरे के छोटे बेटे उद्धव को बुलाकर उन्हें इस खतरे के बारे में बताया था.

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Updated: May 16, 2019, 11:07 AM IST
मातोश्री को बम से उड़ाने की थी साजिश, ठाकरे ने खाली करा दिया था बंगला
फाइल फोटो
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Updated: May 16, 2019, 11:07 AM IST
शिवसेना के पूर्व सदस्य नारायण राणे ने अपनी जीवनी "नो होल्ड बार्ड: माय इयर्स इन पॉलिटिक्स' में ठाकरे परिवार से जुड़ी कई बड़े खुलासे किए हैं. इसी किताब में उन्होंने दावा किया है कि 1989 में आतंकवादियों ने ठाकरे परिवार के आवास 'मातोश्री' को बम से उड़ाने की योजना बनाई थी जिसके चलते शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे को सभी सदस्यों को कुछ दिनों के लिये किसी सुरक्षित स्थान पर रहने का निर्देश दिया था.

भाजपा समर्थित राज्य सभा सदस्य राणे ने कहा कि उस समय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शरद पवार ने बाल ठाकरे के छोटे बेटे उद्धव को बुलाकर उन्हें इस खतरे के बारे में बताया था. उन्होंने अपनी किताब में यह भी दावा किया कि ठाकरे खालिस्तानियों के निशाने पर थे.



बता दें खालिस्तान आंदोलन के समर्थक मुंबई समेत कई शहरों में मौजूद थे. राणे ने कहा कि 19 मार्च 1988 को बाल ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी, जिसमें उन्होंने एक सवालों की लिस्ट देते हुए शहर के सिख समुदाय के प्रमुख लोगों से आश्वासन मांगा था कि वह आंदोलनकारी गतिविधियों को वित्तीय मदद नहीं पहुंचाएं. उनके अनुसार ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया था कि अगर सिखों ने चरमपंथियों को वित्तीय मदद पहुंचाना जारी रखा, तो वह शहर में उनका सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार सुनिश्चित करेंगे.

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उन्होंने कहा कि 1989 में शिवसेना महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव हार गई थी. इस हार ने ठाकरे को बहुत ज़्यादा असुरक्षित हालत में पहुंचा दिया था क्योंकि तब राज्य की सुरक्षा व्यवस्था कांग्रेस के हाथों में चली गई थी. राणे ने लिखा है, ठाकरे ने मातोश्री की सुरक्षा बढ़वाई और हर कोई हाई अलर्ट पर था. इस तनाव के बीच नवविवाहित उद्धव को मुख्यमंत्री शरद पवार का फोन आया. पवार ने उद्धव को तुरंत अपने पास पहुंचने को कहा. उन्होंने खासतौर पर उन्हें अकेले ही आने को कहा.

राणे ने लिखा कि पवार ने उद्धव को बताया कि उन्हें मातोश्री को बम से उड़ाने की योजना के बारे में विश्वसनीय सूचना मिली है. इतना ही नहीं उन्होंने बताया जिस आतंकवादी को इसे अंजाम देना है वह शहर में आ चुका है. पवार ने उद्धव को बताया कि उन्हें इस बात की चिंता है कि मातोश्री, राज्य के पुलिस बल और यहां तक कि गृह मंत्रालय के लोग भी इस साजिश में शामिल हैं.

राणे ने किताब में दावा किया है कि पवार ने कहा कि सूचना के अनुसार इस वारदात को दो दिनों के भीतर अंजाम दिया जाना है. उन्होंने ठाकरे परिवार को पुलिस सुरक्षा बढ़ाने की पेशकश की. उन्होंने यह भी कहा कि इस बात को परिवार के भीतर ही रहने दें. इसके बाद उद्धव ने इस बात की जानकारी अपने पिता को दी, जिन्होंने हर सदस्य को कुछ दिन के लिये सुरक्षित घर ढूंढने और मातोश्री खाली करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अगली सुबह ठाकरे भी अपनी पत्नी मीनाताई के साथ लोनावला चले गए.ये भी पढ़ें-

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