Assembly Banner 2021

पुलवामा जैसे हमले को अंजाम देने की फिराक में आतंकी, PoK से विस्फोटक लाने की हो रही कोशिश

14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमला हुआ था. इसी तरह का हमला फिर करना चाहते थे आतंकी.

14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमला हुआ था. इसी तरह का हमला फिर करना चाहते थे आतंकी.

Jammu Kashmir: खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक़ तकरीबन 50 किलो से ज्यादा विस्फोटक जिसमें आरडीएक्स या कोई अन्य विस्फोटक को आने वाले दिनों में श्रीनगर तक पहुंचाना है. इस बात से पता चल जाता है कि पाकिस्तान की आखिर मंशा क्या है

  • Share this:
श्रीनगर. पुलवामा में आत्मघाती हमले (Pulwama Attack) के बाद भारत की सरकार और सेना ने पाकिस्तान (Pakistan) को इस क़दर सबक़ सिखाया की लगता था कि आने वाले दिनों में वो इस तरह की हरकत करने से पहले दस बार सोचेगा. लेकिन पाकिस्तान है कि वो अपनी फ़ितरत से बाज नहीं आना चाहता है और इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने इसी की तस्दीक कर दी है. एक रिपोर्ट में इस बात का ख़ुलासा किया कि पुलवामा की तर्ज़ पर आतंकी किसी बड़े हमले को अंजाम देने की फ़िराक़ में लगे है और इसके लिए बाक़ायदा बड़ी तादाद में विस्फोटक पीओके से कश्मीर लाने की कोशिश में है.

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक़ तकरीबन 50 किलो से ज्यादा विस्फोटक जिसमें आरडीएक्स या कोई अन्य विस्फोटक को आने वाले दिनों में श्रीनगर तक पहुंचाना है. इस बात से पता चल जाता है कि पाकिस्तान की आखिर मंशा क्या है. यही नहीं इंटेंलिजेंस इनपुट के मुताबिक़ 10 किलो से ज्यादा विस्फोटक आतंकी केरन सेक्टर में डिलीवर भी कर चुके हैं और उन्हें एलओसी के पास ही किसी जगह पर छिपाया गया है. इससे पहले जब पुलवामा में सीआरपीएफ़ की गाड़ियों के क़ाफ़िले पर VBIED से निशाना बनाया गया था उसकी तैयारी भी काफी पहले से ही कर ली गई थी. अलग-अलग जगह से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में विस्फोटकों को कई दिनों तक इकट्ठा किया गया था और फिर वो वीबीआईईडी तैयार की गई थी.

Youtube Video




एफएटीएफ से बचने में लगा पाकिस्तान
लेकिन जिस तरह से बालाकोट में भारतीय वायुसेना ने जाकर हमला किया और कूटनीति के चलते भारत सरकार में पाकिस्तान को पूरी दुनिया में अलग थलग कर दिया था. जानकारों की मानें तो पाकिस्तान भले ही युद्धविराम का पालन करने पर अपनी सहमति जता चुका है लेकिन इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है जून में होने वाली एफएटीएफ की बैठक और अगर इस बार पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर होने में कामयाब हो जाता है तो फिर से वही सब शुरू कर देगा जो कि दुनिया को दिखाने के लिए उसने बंद किया हुआ है. ऐसे में अगले दो महीने तक किसी बड़ी घटना को अंजाम देने का जोखिम वह शायद ही लेगा. लेकिन घाटी में मौजूद 200 से ज्यादा आतंकियों को मेटेरियल सपोर्ट तो जारी रखना ही होगा और इसी के चलते हथियारों और विस्फोटकों को घाटी तक पहुंचाने कार्रवाई को तेज किए हुए है. चूंकि सर्दियों में तो आतंकियों की घुसपैठ बर्फबारी के चलते वैसे की कम हो जाती है और भारतीय सेना की मुस्तैदी के चलते आतंकी इस तरह के काम करने से हिचकिचाते भी हैं. लेकिन कई अलग-अलग तरीक़े से पाकिस्तान मौत का सामान भारत में भेजेने में लगा है.

अब सर्दियों की मौसम खत्म हो गया है और आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने में पाकिस्तान की सेना और आईएसआई ज़ोर शोर से जुट गए हैं. चूंकी पाकिस्तान की तरफ से तस्करी कर के हथियार और गोलाबारूद भेजने की सिलसिला को कोरोना काल में भी लगातार जारी रहा. इसके लिए कई अलग-अलग तरीक़े का इस्तेमाल किया गया. एलओसी को पार कर जमीन के रास्ते हथियारों को भेजा गया तो हवा के रास्ते ड्रोन से भारतीय सीमा में ड्रोन गिराए गए तो पानी के रास्ते नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक रबर की ट्यूब में भरकर भी हथियारों को भारत में भेजा गया.

एलओसी पर इस तरह से आतंकियों में मिलते हैं हथियार
अमूमन ऐसा होता है पीओके के पास के गांव से भटक कर लोग कभी कभी एलओसी पार कर जाते है और भारतीय इलाको में पहुंच जाते है भारतीय सेना के एंटी इंफ्लट्रेशन ग्रिड की मज़बूती के चलते उनको पकड़ लिया जाता है या वॉर्निग शॉट्स से वापस भगा दिया जाता है. लेकिन अगर किसी के हाथों में हथियार हुए तो उन आतंकियों को तो वही ढेर कर दिया जाता है और ये बात पाकिस्तान को बखूबी पता भी है. इसी के चलते वो गांववालों या आतंकियों को बिना हथियारों के भेजता है और उसी आड़ में धीरे-धीरे विस्फोटकों को एलओसी के क़रीब छिपा भी दिया जाता है और बाद में उन्हीं हथियार को भारतीय इलाकों मैं मौजूद उनके ओवर ग्रांउड वर्कर वहां से उठाकर आगे आतंकियों तक पहुंचा देते हैं.

साल 2020 में तो भारतीय सुरक्षाबलों ने अलग अलग ऑपरेशन में पाकिस्तानी हथियार और गोलाबारूद का जो ज़ख़ीरा पकड़ा था उनमें बड़ी मात्रा में AK-47, AK-56, पिस्टल, ग्रेनेड, मैगज़ीन और सैकड़ों राउंड हथियारों के साथ साथ चीनी की बनी QBZ 95 रायफल जो की पाकिस्तान की फ़्रंटियर फोर्स इस्तेमाल करती है, इसके M-4 रायफल शामिल थीं.

चौंकाने वाली बात तो ये है कि बिना हथियारों के आतंकियों को भेजना और अलग अलग तरीक़े से उन्हें हथियार मुहैया कराने के लिए पाकिस्तान उन क्वॉडकाप्टर का इस्तेमाल करने की तैयारी में है जो कि CPEC की निगरानी के लिए ख़रीदा गया था. बहरहाल भारतीय सेना हमेशा पाकिस्तान की चुनौतियों से निपटने और उसे मुंह तोड़ जवाब देने को तैयार है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज