महाराष्ट्र: यूपी पुलिस को विकास दुबे के दो सहयोगियों की ट्रांजिट रिमांड मिली

महाराष्ट्र: यूपी पुलिस को विकास दुबे के दो सहयोगियों की ट्रांजिट रिमांड मिली
गैगस्टर विकास दुबे को पिछले शुक्रवार की सुबह एनकाउंटर में मार गिराया गया था

वकीलों ने अदालत (Court) से कहा कि महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra Police) को दोनों की तस्वीर इंटरनेट (Internet) पर मिली, जिसके बाद दोनों को दुबे का सहयोगी मानकर पकड़ लिया गया.

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ठाणे. महाराष्ट्र (Maharashtra) के ठाणे (Thane) की एक अदालत ने सोमवार को उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) को कुख्यात अपराधी विकास दुबे के दो सहयोगियों की चार दिन की ट्रांजिट रिमांड प्रदान की. इन्हें हाल ही में गिरफ्तार (Arrest) किया गया था. ठाणे के ढोकली इलाके की एक चॉल से महाराष्ट्र (Maharashtra) आतंकवाद रोधी दस्ते (Anti terrorism squad) ने शनिवार को अरविंद उर्फ गुड्डन त्रिवेदी (45) और उसके चालक सुशील कुमार उर्फ सोनू तिवारी (30) को गिरफ्तार किया था.

उत्तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh Police) ने दोनों को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (First class judicial magistrate) ए बी कादियान के समक्ष पेश किया, जिन्होंने 16 जुलाई तक की ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) प्रदान की. साथ ही आदेश दिया कि दोनों को राज्य से ले जाने से पहले उनकी कोरोना वायरस (Coronavirus) की जांच की जाए.

उज्जैन से गिरफ्तार दुबे यूपी लाने के दौरान भागने के प्रयास में एनकाउंटर में मारा गया था
कानपुर के चौबेपुर इलाके के बिकरु गांव में तीन जुलाई की रात को कुख्यात अपराधी विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर हुए हमले में आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे.
बाद में मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किए गए दुबे को उत्तर प्रदेश लाने के दौरान सड़क दुर्घटना में वह वाहन कथित तौर पर पलट गया, जिसमें दुबे को लाया जा रहा था. इस दौरान कथित तौर पर भागने के प्रयास के बीच दुबे पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था.



इंटरनेट पर साथ मिली तस्वीर के आधार पर सहयोगी समझ पकड़ा
त्रिवेदी और तिवारी की ओर से पेश वकील अनिल जाधव और जिया शेख ने कहा कि दोनों का कानुपर मामले से कोई संबंध नहीं है और दोनों को दुबे का सहयोगी होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था.

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वकीलों ने अदालत से कहा कि महाराष्ट्र पुलिस को दोनों की तस्वीर इंटरनेट पर मिली, जिसके बाद दोनों को दुबे का सहयोगी मानकर पकड़ लिया गया. आरोपियों के वकीलों ने दोनों को विमान द्वारा उत्तर प्रदेश ले जाने का अनुरोध किया, जिसका विरोध करते हुए राज्य की ओर से पेश वकील जयश्री कोरदे ने कहा कि इतनी कम समयावधि में विमान का टिकट उपलब्ध नहीं होगा.
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