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सफाईकर्मी मनीष क्‍यों बने पहले भारतीय, जिन्हें कोविड वैक्‍सीन लगाई गई

सफाईकर्मी मनीष कुमार कोरोना वायरस वैक्‍सीन लगवाते हुए . (PTI)

सफाईकर्मी मनीष कुमार कोरोना वायरस वैक्‍सीन लगवाते हुए . (PTI)

एम्‍स के डायरेक्‍टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि जब वह बहुत आसानी से वैक्‍सीन पाने वाले पहले भारतीय हो सकते थे तब मनीष कुमार के चयन ने सभी फ्रंटलाइन वारियर्स में बड़ा मजबूत संदेश दिया है.

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    नई दिल्‍ली. दिल्‍ली स्थित एम्‍स के फ्रंटलाइन सफाई कर्मी मनीष कुमार, देश के पहले व्‍यक्ति हैं, जिन्‍हें घातक कोरोना वायरस से बचाने वाली वैक्‍सीन लगाई गई. मनीष ने कोविड जोन में संक्रमण नियंत्रण का बिना प्रशिक्षण लिए जाकर अपना काम उत्‍साह से किया था, इसलिए इस 'अनकहे नायक' को कोरोना वैक्‍सीन को पाने का सबसे पहले मौका मिला.

    एम्‍स के डायरेक्‍टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि जब मैं खुद आसानी से वैक्सीन का पहला प्राप्तकर्ता हो सकता था, तब मनीष कुमार के चयन ने सभी फ्रंटलाइन योद्धाओं को एक मजबूत संदेश भेजा है कि 'हम सब आपके बहुत आभारी हैं और आपके योगदान को कभी नहीं भूल पाएंगे, यह बात हमारे लिए मायने नहीं रखती कि आप कौन हैं और आप कहां हैं.

    डॉ गुलेरिया ने न्‍यूज18 से शनिवार को कहा कि बहुत सारे लोग कोविड वार का हिस्‍सा रहे हैं, जो अनकहे नायक (अनसंग हीरोज) हैं. इन लोगों ने बिना थके काम किया है. यही वे लोग हैं जो बिना संक्रमण नियंत्रण का प्रशिक्षण लिए कोविड क्षेत्रों में गए. उन्‍होंने बहुत बड़ा जोखिम लिया और हमें उनका सम्‍मान करना चाहिए. इसलिए मुझे लगता है कि यह सभी हेल्‍थकेयर वर्कर्स का सम्‍मान है. डॉ गुलेरिया ने भी शनिवार को कोरोना वैक्‍सीन लगवाई.

    फाइजर की कोविड-19 वैक्‍सीन लेने के बाद 23 लोगों की विदेश में हुई मौते की खबर पर एम्‍स के डायरेक्‍टर ने कहा कि ये सभी बुजुर्ग लोग थे, इसलिए हमें देखना होगा कि ये मौतें वैक्‍सीन से संबंधित हैं या इनके पीछे कोई दूसरा कारण है. कारण और प्रभाव के रिश्‍ते को दिखाए जाने की आवश्‍यकता है. अभी हमारे पास पर्याप्‍त जानकारी नहीं है, कि इसे वैक्‍सीन से जोड़ सकें. हां, इस घटना पर हमें ध्‍यान रखना होगा. बिना वैक्‍सीन के बच्चों को स्कूल भेजने वाले माता-पिता की आशंका के बारे में पूछा गया, तो डॉ गुलेरिया ने कहा, "अगले कुछ महीनों में, हमारे पास बच्चों में भी इन टीकों की सुरक्षा के संबंध में पर्याप्‍त आंकड़े होंगे. तब हम बच्‍चों को भी उस सूची में जोड़ सकेंगे जिन्‍हें वैक्‍सीन लगाना होगा.

    गौरतलब है कि भारत में शनिवार को कोविड-19 महामारी के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा वैक्‍सीनेशन अभियान शुरू किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने दो वैक्‍सीन कोवीशील्‍ड और कोवैक्‍सीन को मंजूरी दी है. इन्‍हें सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक ने बनाया है. टीकाकरण के पहले चरण में तीन करोड़ लोगों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्‍सीन लगाया जाएगा.

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