अनुच्छेद 370: आतंकी हमले के डर के चलते देशभर के हवाईअड्डों से सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के बाद सभी हवाईअड्डों से अपनी सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया है. बीसीएएस ने कहा कि एयरपोर्ट आतंकवादी हमलों के लिए आसान निशाना हो सकते हैं.

News18Hindi
Updated: August 8, 2019, 5:50 AM IST
अनुच्छेद 370: आतंकी हमले के डर के चलते देशभर के हवाईअड्डों से सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया
BCAS ने देशभर में एयरपोर्ट्स की सुरक्षा बढ़ाए जाने का निर्देश दिया है (सांकेतिक तस्वीर)
News18Hindi
Updated: August 8, 2019, 5:50 AM IST
उड्डयन सुरक्षा एजेंसी बीसीएएस (BCAS) ने मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के बाद सभी हवाईअड्डों से अपनी सुरक्षा बढ़ाने को कहा है. बीसीएएस ने कहा कि एयरपोर्ट आतंकवादी हमलों के लिए आसान निशाना हो सकते हैं.

ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) ने राज्य सरकारों, राष्ट्रीय तथा निजी हवाईअड्डा संचालकों तथा अन्य को छह अगस्त को इस संबंध में परामर्श जारी किया.

दिल्ली मेट्रो में भी जारी किया गया था रेड अलर्ट
इससे पहले आर्टिकल 370 को हटाने के सरकार के निर्णय के साथ ही उत्तरप्रदेश सहित देश के कई राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था. दिल्ली मेट्रो ने भी रेड अलर्ट जारी किया था. इसके लिए दिल्ली मेट्रो की ओर से बाकायदा एक बयान जारी किया गया था. जिसमें गृह मंत्रालय के अलर्ट के बाद दिल्ली मेट्रो में लोगों की गहनता से जांच की बात कही गई थी. बतातें चलें कि दिल्ली मेट्रो में 220 से भी ज्यादा स्टेशन हैं. और दिल्ली मेट्रो में रोजाना करीब 28 लाख लोग यात्रा करते हैं.

इस बयान में यह भी कहा गया था कि ऐसी जांच के चलते लोगों को सुरक्षा जांच में कुछ देरी का सामना भी करना पड़ सकता है. दिल्ली मेट्रो के अलावा हरियाणा और हिमाचल में भी हाई अलर्ट घोषित किया गया था.

कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा के लिए हरियाणा ने उठाए थे कदम
इन एहतियाती कदमों के अलावा हरियाणा ने राज्य के अंदर रह रहे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके शिक्षण संस्थान और रहने के स्थानों पर उन्हें सुरक्षा देने की बात कही थी. यहां तक की यह सुरक्षा उन्हें तब भी दी जानी थी, जब वे अपने घर जाना चाहते हों.
Loading...

नोएडा पुलिस ने बिना पुष्टि किए किसी ख़बर या मैसेज को शेयर करने से किया था मना
वहीं नोएडा पुलिस ने इस प्रकरण में सोशल मीडिया के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे. जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मीडिया प्रभारी ने बताया था कि इस मामले में किसी भी ख़बर को प्रकाशित करने से पहले सक्षम अधिकारियों से उसकी पुष्टि की जानी जरूरी होगी. क्योंकि अगर कोई ऐसा करता है तो इससे इलाके में तनाव और अफवाह फैलने का डर है. उन्होंने सोशल मीडिया पर ग्रुप में किसी भी मैसेज को बिना पुष्टि किए भेजने से भी मना किया था. (भाषा के इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान का भारतीय हाई कमिश्नर को देश वापसी का फरमान, अपना उच्चायुक्त भी बुलाया वापस

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 8, 2019, 5:45 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...