तमिलनाडु NDA में कई अंदरूनी झड़पों के बाद कमजोर पड़ रहा BJP-AIADMK गठबंधन

तमिलनाडु NDA में कई अंदरूनी झड़पों के बाद कमजोर पड़ रहा BJP-AIADMK गठबंधन
पीएम मोदी के साथ तमिलनाडु के सीएम पलानीस्वामी की फाइल फोटो (फोटो- PTI)

अन्नाद्रमुक सरकार (AIADMK Government)ने गणेश मूर्तियों की स्थापना की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और लोगों को घर पर त्योहार मनाने के लिए कहा था. राज्य सरकार ने तमिलनाडु भाजपा इकाई (Tamil Nadu BJP Unit) के नेताओं के मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी के साथ इस सप्ताह की शुरुआत में मुलाकात करने के बाद भी इस फैसले पर टस से मस होने से इनकार कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2020, 8:36 AM IST
  • Share this:
पूर्णिमा मुरली

चेन्नई. हाल ही में तमिलनाडु एनडीए (Tamil Nadu NDA) के अंदर ही एआईएडीएमके (AIADMK) और बीजेपी (BJP) खेमे के बीच कुछ मुद्दों पर झड़प हुई है. जिसके बाद से लगातार इस बात पर अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस दक्षिणी राज्य (Southern State) में बीजेपी का गेम प्लान क्या हो सकता है. राष्ट्रीय पार्टी (National Party) राज्य नेतृत्व से क्यों उलझ रही है? तमिलनाडु (Tamil Nadu) में भाजपा के प्रमुख प्रस्तावकों, जैसे कि राष्ट्रीय सचिव (National Secretary) एच राजा और नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष एल. मुरुगन, ई. पलानीस्वामी (E Palaniswami) के नेतृत्व वाली AIADMK सरकार के कुछ कामों की आलोचना करते रहे हैं.

मिसाल के तौर पर विनयागर चतुर्थी (Vinayagar Chaturthi) त्योहार को ही लें. केंद्र की ओर से धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए, अन्नाद्रमुक सरकार (AIADMK Government)ने गणेश मूर्तियों की स्थापना की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और लोगों को घर पर त्योहार मनाने के लिए कहा था. राज्य सरकार ने तमिलनाडु भाजपा इकाई (Tamil Nadu BJP Unit) के नेताओं के मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी के साथ इस सप्ताह की शुरुआत में मुलाकात करने के बाद भी इस फैसले पर टस से मस होने से इनकार कर दिया. जबकि बीजेपी नेताओं (BJP Leaders) ने सरकार से उन्हें मूर्तियों (Idols) को राज्य भर में स्थापित करने की अनुमति देने के साथ ही इसके लिए आवश्यक मानक संचालन प्रक्रिया (SOPs) भी जारी करने को कहा था.



बीजेपी ने गणेश प्रतिमा स्थापना की अनुमति न देने का किया विरोध
सत्तारूढ़ सरकार का यह कदम राज्य भाजपा को अच्छा नहीं लगा, जिसके बाद राज्य बीजेपी के अध्यक्ष मुरुगन ने सवाल किया कि अगर अन्नाद्रमुक राज्य भर में शराब की दुकानें खोलने की अनुमति दे सकती है, तो वह लोगों को यह हिंदू त्योहार मनाने की अनुमति क्यों नहीं दे सकती. भाजपा ने कहा कि वह राज्य में गणेश की मूर्तियों को स्थापित करने के हिंदूवादी समूह हिंदू मुन्नानी के फैसले का समर्थन करेगी.

यह भी पढ़ें: केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने बताया कोरोना काल का कैसे कर रहीं सामना

तमिलनाडु NDA के अंदर मतभेद का यह पहला प्रकरण नहीं
गणेश चतुर्थी प्रकरण ऐसा पहला प्रकरण नहीं था, जिसने गठबंधन में गहरे मतभेदों को उजागर किया. ऐसा केवल एक बार ही नहीं हुआ, इससे पहले AIADMK सरकार ने दावा किया था कि दो-भाषा के फार्मूले को किसी भी कीमत पर नहीं बदला जाएगा, यहां तक ​​कि नई बनाई गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति द्वारा भी नहीं. एक अन्य गर्मागर्म मुद्दे में, ओबीसी आरक्षण के लिए अखिल भारतीय कोटा की मांग को लेकर AIADMK ने इस आरक्षण के पक्ष में अपना रुख रखा था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज