Home /News /nation /

कालेधन पर बोले अरुण जेटली, बैंकों में जमा की गई राशि अपने आप सफेद नहीं हो जाएगी

कालेधन पर बोले अरुण जेटली, बैंकों में जमा की गई राशि अपने आप सफेद नहीं हो जाएगी

File Photo : PTI

File Photo : PTI

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा की गई राशि अपने आप से वैध नहीं हो जाएगी और इसके मालिकों की पहचान कराधान प्रायोजन के लिए की जाएगी. जेटली ने इस बात को भी दोहराया कि नोटबंदी के बाद सामने आने वालों में ऐसे कई हैं जो अपनी आज तक की 'गुमनामी' से बाहर आ गए हैं.

अधिक पढ़ें ...
  • Agencies
  • Last Updated :
    केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा की गई राशि अपने आप से वैध नहीं हो जाएगी और इसके मालिकों की पहचान कराधान प्रायोजन के लिए की जाएगी. जेटली ने इस बात को भी दोहराया कि नोटबंदी के बाद सामने आने वालों में ऐसे कई हैं जो अपनी आज तक की 'गुमनामी' से बाहर आ गए हैं.

    जेटली ने अपने फेसबुक पेज पर 'नोटबंदी-एक नजर बीते 2 महीनों पर' शीर्षक वाली पोस्ट में लिखा है, "तथ्य यह है कि बड़ी मात्रा में उच्च मूल्य वाले नोटों का बैंकों में जमा किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि यह सभी वैध हैं."

    उन्होंने कहा कि कालेधन का रंग इसलिए नहीं बदल जाएगा, क्योंकि यह बैंक में जमा हो गया है. इसके विपरीत अब यह अपनी 'गुमनामी' को खो देगा और अब इसकी पहचान इनके मालिक से होगी. वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग को इस राशि पर कर निर्धारित करने का अधिकार है.

    उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में आयकर अधिनियम में संशोधन यह अनुमति देता है बताई गई राशि चाहे स्वेच्छा से घोषित हो या अस्वेच्छा से, वह कराधान और जरूरत के हिसाब से दंड के अधीन होगी.

    जेटली ने यह टिप्पणी इस हफ्ते आई उन मीडिया रिपोर्ट पर की जिसमें कहा गया कि नोटबंदी वाले करीब 97 फीसद नोट बैंकों में जमा हो गए हैं. इन रिपोर्ट में कहा गया कि 30 दिसंबर 2016 तक बैंकों में करीब 14.97 लाख करोड़ रुपए जमा किए गए.

    भारतीय रिजर्व बैंक ने मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि इस तरह के अनुमान सही नहीं हो सकते क्योंकि विभिन्न करेंसी चेस्ट में एकत्रित राशि को अभी वास्तविक नकदी से मिलाने की जरूरत है. साथ ही गणना की गलतियों को दूर करने के लिए दोबारा गणना करने की जरूरत है.

    नोटबंदी के बाद 4,807 करोड़ रुपए का कालाधन चिन्हित


    नोटबंदी के फैसले के बाद से अब तक आयकर विभाग ने 4,807 करोड़ रुपए अघोषित आय चिन्हित की है, जबकि 112 करोड़ रुपए नए नोटों के रूप में जब्त किए गए हैं. एक आधिकारिक सूत्र ने रविवार को यह जानकारी दी.

    सूत्र ने बताया कि नोटबंदी की घोषणा के बाद आयकर विभाग ने 1,138 छापे मारे, सर्वेक्षण किए और जांच-पड़ताल की। इस दौरान आयकर विभाग ने 5,184 कंपनियों को नोटिस जारी किए.

    उन्होंने बताया कि पांच जनवरी तक आयकर विभाग ने 4,807 करोड़ रुपए की आघोषित संपत्ति चिन्हित की है.

    अधिकारी के अनुसार, इस दौरान 609.39 करोड़ रुपए की नकदी और जेवरात जब्त किए गए, जबकि 112 करोड़ रुपए के नए नोट भी जब्त किए गए.

    आयकर विभाग ने 16 दिसंबर को कहा था कि उसने 2,600 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता लगाया है और 300 मामलों में कुल 393 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं.

    केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने यहां पत्रकारों को बताया कि हमने 291 मामलों में छापेमारी की और अघोषित संपत्ति जब्त की, जबकि 295 मामलों में सर्वेक्षण कराया.

    उन्होंने कहा कि हमने इस छापेमारी के दौरान 316 करोड़ रुपए नकदी के रूप में बरामद किए, जिसमें 80 करोड़ रुपए राशि के नए नोट शामिल हैं. इसके अलावा 76 करोड़ रुपए के जेवरात भी जब्त किए गए हैं. इस तरह जब्त की गई अघोषित संपत्तियों की कुल कीमत 393 करोड़ रुपए है.

    उन्होंने आगे बताया कि नोटबंदी की घोषणा के बाद बैंक में जमा की गई धनराशि के आधार पर 3,000 नोटिस जारी किए गए हैं.

    Tags: Arun jaitley, Black money

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर