सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के बाद बाबरी मामले ने अपनी प्रासंगिकता खो दी थी : शिवसेना

बाबरी मामले में सभी आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा बरी किये जाने के फैसले के बारे में संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया दी (फाइल फोटो)
बाबरी मामले में सभी आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा बरी किये जाने के फैसले के बारे में संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया दी (फाइल फोटो)

लखनऊ में विशेष सीबीआई अदालत (Special CBI Court) ने भाजपा के वयोवृद्ध नेता लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) और मुरली मनोहर जोशी (Murli Manohar Joshi) सहित मामले के सभी 32 आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले.

  • भाषा
  • Last Updated: September 30, 2020, 3:43 PM IST
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मुंबई. शिवसेना सांसद संजय राउत (Shiv Sena MP Sanjay Raut) ने बुधवार को कहा कि राम जन्मभूमि विवाद मामले (Ram Janmbhoomi Dispute Case) में 2019 में उच्चतम न्यायालय का फैसला (Supreme Court's Decision) आने के बाद बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले ने अपनी प्रासंगिकता खो दी थी. बाबरी मामले में सभी आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत (CBI Special Court) द्वारा बरी किये जाने के फैसले के बारे में राउत ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘'राम मंदिर (Ram Mandir) पर उच्चतम न्यायालय के पिछले साल आये फैसले और इस साल अगस्त में प्रधानमंत्री द्वारा (प्रस्तावित) मंदिर का भूमि पूजन (Bhoomi Pujan) किये जाने के बाद विशेष अदालत में इस मामले ने अपनी प्रासंगिकता खो दी थी.’’

लखनऊ में विशेष सीबीआई अदालत ने भाजपा के वयोवृद्ध नेता लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) और मुरली मनोहर जोशी (Murli Manohar Joshi) सहित मामले के सभी 32 आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले. विशेष अदालत (Special Court) के न्यायाधीश एस के यादव ने अपने फैसले में कहा कि बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, यह एक आकस्मिक घटना थी. उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले, बल्कि आरोपियों ने उन्मादी भीड़ को रोकने की कोशिश की थी. विशेष सीबीआई अदालत में चला यह मामला उत्तर प्रदेश के आयोध्या (Ayodhya) में छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराये जाने से संबंधित है.

कांग्रेस ने बोला हमला, कहा- सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के प्रतिकूल विशेष अदालत का फैसला
कांग्रेस ने बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले को पिछले साल आये उच्चतम न्यायालय के निर्णय के प्रतिकूल करार देते हुए बुधवार को कहा कि संविधान, सामाजिक सौहार्द व भाईचारे में विश्वास करने वाला हर व्यक्ति उम्मीद करता है कि इस "तर्कविहीन निर्णय" के विरुद्ध प्रांतीय व केंद्र सरकार उच्च अदालत में अपील दायर करेगी.
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पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, "बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सभी दोषियों को बरी करने का विशेष अदालत का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय व संविधान की परिपाटी से परे है. उच्चतम न्यायालय की पांच न्यायाधीशों की खंडपीठ के 9 नवंबर, 2019 के निर्णय के मुताबिक बाबरी मस्जिद को गिराया जाना एक गैरकानूनी अपराध था. पर विशेष अदालत ने सभी दोषियों को बरी कर दिया. विशेष अदालत का निर्णय साफ तौर से उच्चतम न्यायालय के निर्णय के भी प्रतिकूल है. "
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