2018 में सबसे ज़्यादा लोगों को सुनाई गई फांसी की सज़ा, मध्य प्रदेश सबसे आगे

पिछले साल महाराष्ट्र में 16 लोगों को फांसी की सज़ा सुनाई गई. इसके बाद कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में 15-15 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई.

Utkarsh Anand | News18Hindi
Updated: January 28, 2019, 9:00 PM IST
2018 में सबसे ज़्यादा लोगों को सुनाई गई फांसी की सज़ा, मध्य प्रदेश सबसे आगे
सांकेतिक तस्वीर
Utkarsh Anand | News18Hindi
Updated: January 28, 2019, 9:00 PM IST
पिछले साल भारत में 162 लोगों को फांसी की सज़ा सुनाई गई. ये आंकड़े पिछले दो दशक में सबसे ज़्यादा हैं. इस लिस्ट में सबसे आगे मध्य प्रदेश है. इसके बाद महाराष्ट्र और फिर कर्नाटक की बारी आती है.

पिछले साल मध्य प्रदेश में 22 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई. इनमें ज़्यादातर मामले बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न के हैं. पिछले साल मध्यप्रदेश में इंडियन पैनल कोर्ट की धारा में संशोधन करते हुए 12 साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में फांसी की सजा का प्रावधान रखा गया.

पिछले साल महाराष्ट्र में 16 लोगों को फांसी की सज़ा सुनाई गई. इसके बाद कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में 15-15 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई. ये सारे आंकड़े एक प्रोजेक्ट के तहत नैशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली की तरफ से जारी किए गए हैं.

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में 11 मामलों में दोषियों को फांसी की सजा हुई. 2012 दिल्ली गैंग रेप में शामिल तीन लोगों को फांसी की सजा मिली. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने इन्हें फांसी की सज़ा दी थी.

पिछले साल जिन राज्यों में किसी को फांसी की सजा नहीं सुनाई गई उनमें जम्मू कश्मीर, गोवा और असम को छोड़ कर उत्तर पूर्व के बाक़ी 6 राज्य शामिल हैं.

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First published: January 28, 2019, 8:47 PM IST
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