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कृषि कानून: किसान आंदोलन के आगे का ब्लूप्रिंट तैयार, सरकार से इन चार मुद्दों पर होगी बातचीत

कृषि कानून को लेकर किसानों का प्रदर्शन अभी भी जारी है.
कृषि कानून को लेकर किसानों का प्रदर्शन अभी भी जारी है.

दिल्‍ली (Delhi) के सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर शनिवार को किसान संगठनों (Farmer organizations) की बैठक हुई, जिसमें सरकार के प्रस्‍ताव पर निर्णय लेते हुए आगे की बातचीत पर सहमति जताई गई. किसान संगठनों की ओर से 29 दिसंबर को सुबह 11 बजे वार्ता का प्रस्ताव भेजा गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 27, 2020, 7:43 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार के तीनों नए कृषि कानून (New Agricultural Laws) को लेकर दिल्ली (Delhi) की अलग-अलग सीमा (Border) पर पिछले 31 दिनों से किसान (Farmers( डटे हुए हैं. इस बीच, दिल्‍ली के सिंघु बॉर्डर पर शनिवार को किसान संगठनों की बैठक हुई, जिसमें सरकार के प्रस्‍ताव पर निर्णय लेते हुए आगे की बातचीत पर सहमति जताई गई. किसान संगठनों की ओर से 29 दिसंबर को सुबह 11 बजे वार्ता का प्रस्ताव भेजा गया है. किसान संगठनों ने वार्ता से पहले ही आंदोलन की आगे की रणनीति तैयार कर ली है. किसान संगठनों का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो वह विरोध प्रदर्शन को और आगे ले जाएंगे.

किसान संगठनों ने आंदोलन को तेज करने की रूपरेखा की घोषणा करते हुए बताया कि 30 दिसंबर को दिल्ली के सभी बार्डर पर ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा. टैक्टर मार्च टिकरी बार्डर से हरियाणा-राजस्थन बार्डर शहाजहांपुर तक निकाला जाएगा. इसके बाद देश में ब्लॉक और तहसील स्तर पर कृषि कानून के विरोध में किसानों को एकजुट करने की मुहिम शुरू की जाएगी. किसान 27 और 28 दिसंबर को दिल्ली के अलग अलग बॉर्डर पर शहीदी दिवस मनाएंगे.

बता दें कि केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ लगभग एक महीने से आंदोलन कर रहे किसानों का साथ देने के लिए शनिवार को पंजाब से किसानों के कई जत्थे राशन और अन्य आवश्यक सामान अपने साथ लेकर दिल्ली की सीमाओं की ओर बढ़ चुके हैं. किसानों की तैयारी को देखकर लगता है कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो आगे भी उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. किसान यूनियन के नेताओं के अनुसार संगरूर, अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर और बठिंडा जिलों समेत विभिन्न स्थानों से किसान सिंघू और टिकरी बॉर्डरों की ओर बढ़ रहे है.
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संयुक्‍त किसान मोर्चा ने जारी किया बैठक का एजेंडा
1. तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द/निरस्त करने के लिए अपनाए जाने वाली क्रियाविधि (Modalities).
2. सभी किसानों और कृषि वस्तुओं के लिए राष्ट्रीय किसान आयोग द्वारा सुझाए लाभदायक MSP की कानूनी गारंटी देने की प्रक्रिया और प्रावधान.
3. 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अध्यादेश, 2020' में ऐसे संशोधन जो अध्यादेश के दंड प्रावधानों से किसानों को बाहर करने के लिए ज़रूरी हैं.
4. किसानों के हितों की रक्षा के लिए 'विद्युत संशोधन विधेयक 2020' के मसौदे में ज़रूरी बदलाव.
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