पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत में कोई सुधार नहीं, अब भी वेंटिलेटर पर

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत में कोई सुधार नहीं, अब भी वेंटिलेटर पर
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी

Pranab Mukherjee Medical Bulletin: भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को गंभीर हालत में 10 अगस्त को 12 बजे सेना के अस्पताल (R & R) दिल्ली कैंट में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में जांच के दौरान मस्तिष्क में खून के थक्के होने की बात सामने आई और इसके बाद उनकी सर्जरी हुई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 13, 2020, 10:32 AM IST
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नई दिल्ली. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है. आर्मी हॉस्पिटल की तरफ से जारी ताजा मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक उनकी हालत अब भी नाजुक है और वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. बता दें कि उन्हें गंभीर हालत में 10 अगस्त को सेना के अस्पताल (R & R) दिल्ली कैंट में भर्ती कराया गया था. हॉस्पिटल में जांच के दौरान मस्तिष्क में खून के थक्के होने की बात सामने आई और इसके बाद उनकी सर्जरी हुई. सर्जरी के बाद से वो वेंटिलेटर पर हैं.

हालत में सुधार नहीं
सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल ने अपने ताजा मेडिकल बुलेटिन में कहा, 'पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत में सुबह से कोई बदलाव नहीं दिखा है. वे कोमा जैसी हालत में हैं.  उन्हें लगातार वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा जा रहा है.' इससे पहले प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि उनकी तबीयत हेमोडाइनेमिकली स्थिर है. यानी उनका ब्लड प्रेशर स्थिर बना हुआ है. साथ ही हार्ट भी काम कर रहा है.





'सुधार का कोई लक्षण नहीं'
मस्तिष्क की सर्जरी से पहले उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी. उन्हें देख रहे डॉक्टरों ने कहा कि मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति की हालत बिगड़ गई और उनकी स्थिति में सुधार का कोई लक्षण नहीं दिखा है.पूर्व राष्ट्रपति की पुत्री एवं कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने पिता के स्वास्थ्य के लिए भगवान से प्रार्थना की. उन्होंने ट्वीट किया, ‘पिछले साल आठ अगस्त का दिन मेरे लिए सर्वाधिक प्रसन्नता के दिनों में से एक था जब मेरे पिता को भारत रत्न मिला था. ठीक एक साल बाद 10 अगस्त को वह गंभीर रूप से बीमार हो गए.’

जल्दी ठीक होने की कामना के लिए यज्ञ
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के मस्तिष्क में सर्जरी के बाद से उनकी हालत नाजुक है. इस बीच पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के किरनाहार में उनके जल्दी ठीक होने की कामना को लेकर एक यज्ञ शुरू हो गया है. मुखर्जी के पैतृक गांव में शुरू हुआ ये यज्ञ 72 घंटे तक चलेगा.
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