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अदालत ने कथित क्रूरता के चलते कब्‍जे में लिए गए कुत्‍तों को वापस मालिक को सौंपा

दिल्‍ली की एक अदालत ने दो कुत्‍तों को उनके मालिक को सौंपने का निर्देश दिया है. इन दो कुत्‍तों को एक एनजीओ ने अपने कब्‍जे में ले लिया था.

दिल्‍ली की एक अदालत ने दो कुत्‍तों को उनके मालिक को सौंपने का निर्देश दिया है. इन दो कुत्‍तों को एक एनजीओ ने अपने कब्‍जे में ले लिया था.

दिल्‍ली की एक अदालत (Delhi Court) ने दो कुत्‍तों (Two Dogs) को उनके मालिक को सौंपने का निर्देश दिया है. इन दो कुत्‍तों को एक एनजीओ ने अपने कब्‍जे में ले लिया था. एनजीओ का आरोप था कि मालिक उद्योगपति है और वह अपने कुत्‍तों की देखभाल नहीं करता. कुत्‍ता मालिक के वकील ने देखभाल रिपोर्ट कोर्ट में पेश की, वहीं पशुओं के डॉक्‍टर ने भी वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के माध्‍यम से अदालत में पेश होकर अपना बयान दर्ज कराया . इसके बाद कोर्ट ने कुत्‍तों को वापस मालिक को सौंपने के निर्देश दे दिए.

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नई दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत (Delhi Court) ने कथित तौर पर क्रूरता के चलते कब्जे में लिए गए दो गोल्डन रिट्रीवर कुत्तों को उनके मालिक को वापस सौंपने के निर्देश दिए. कोर्ट ने कहा 'उसके (मालिक के) पालतू जानवरों को उसकी अभिरक्षा और उसके साथ से वंचित रखना अनुचित होगा.' एक गैर सरकारी संगठन पीपल फॉर एनीमल (People for Animal) ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर लव और कुश नाम के इन कुत्तों को उनके उद्योगपति मालिक से अपने कब्जे में लिया था. यह गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) मेनका गांधी द्वारा स्थापित किया गया है.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल अंतिल ने पुलिस द्वारा मालिक के फिरोजशाह रोड स्थित आवास पर कुत्तों की देखरेख से संबंधित रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए और उनके पशुओं के डॉक्टर की सलाह के बाद यह आदेश पारित किया. डॉक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश हुए. हालांकि, न्यायाधीश ने उद्योगपति आनंद कुमार मोहता को इस मामले की सुनवाई के दौरान आवश्यकता पड़ने पर दोनों कुत्तों को अदालत एवं पुलिस के समक्ष पेश करने के निर्देश भी दिए.

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मोहता की ओर से पेश वकील तरुण राणा द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर अदालत ने यह निर्देश दिए. याचिका में मजिस्ट्रेट अदालत के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें कुत्तों को वापस उनके मालिक को नहीं सौंपने के आदेश दिए गए थे. एनजीओ ने मोहता पर पालतू जानवरों के साथ क्रूर व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए 30 जनवरी को कुत्तों को अपने कब्जे में ले लिया था.
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एनजीओ ने कहा कि छापेमारी के दौरान कुत्तों को तेज बुखार और उनकी आंखों में सूजन पाई गई. बाद में एक सरकारी अस्पताल में पशुओं के डॉक्टर ने पाया कि दोनों कुत्ते परवो वायरस से पीड़ित हैं. यह भी दावा किया गया कि दोनों जानवरों को बिना निगरानी के छोड़ दिया गया था और आरोपी उनकी कथित तौर पर ठीक तरह से देखभाल नहीं करता.

पशुओं से हमदर्दी रखने वाली मेनका गांधी करती हैं हर संभव मदद
पशुओं से हमदर्दी रखने वाली मेनका गांधी को यदि पशु क्रूरता संबंधी जानकारी मिलती है तो वे इस मामले में संवेदनशीलता के आधार पर मदद करती हैं. हाल ही में उन्‍हें जब बताया गया कि मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर में एक व्‍यक्ति ने गुस्‍से में आकर एक कुत्‍ते को इतना पीटा, कि कुत्‍ते की मौत हो गई. इस मामले में की गई शिकायत पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. तब मेनका गांधी ने पुलिस अधिकारी से बात की और आरोपी पर मामला दर्ज हुआ. आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 429 और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. धारा 429 में दोषी साबित होने पर 5 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है.
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