राणा कपूर ने जिस दोस्त की मदद से शुरू किया Yes Bank, सबसे पहले उसी को दिया 'धोखा'

यस बैंक के पूर्व प्रमोटर हैं राणा कपूर.

साल 2003 में अशोक कपूर और राणा कपूर को बैंक चलाने की लिए लाइसेंस मिला. लेकिन सिर्फ 16 साल बाद ही यस बैंक (Yes Bank) ने दम तोड़ दिया. अब सरकार इसे पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है

  • Share this:
    मुंबई. यस बैंक (Yes Bank) की अर्श से फर्श तक की कई कहानियां आपने पढ़ी होंगी, लेकिन यहां आज हम आपको बताने जा रहे हैं बैंक के फाउंडर राणा कपूर (Rana Kapoor) की वो कहानी जिसे जान कर आप हैरान हो जाएंगे. ये कहानी पूरी फिल्मी है. जहां साथ काम करने वाले दोस्त बनते हैं और फिर ये दोस्ती रिश्तेदारी में बदल जाती है. दोस्त की मौत के बाद कहानी में दिलचप्स मोड़ आता है, जहां दिखती है धोखेबाज़ी और तकरार.

    ऐसे हुई दोस्ती की शुरुआत
    दो कपूर की लड़ाई की कहानी साल 2008 के बाद शुरू होती है. उससे पहले ये समझना जरूरी है कि आखिर यस बैंक की शुरुआत कैसे हुई. ये बात 1999 की है. अशोक कपूर (ABN Amro Bank के पूर्व कंट्री हेड) हरकीरत सिंह ( पूर्व कंट्री हेड Deutche Bank) और राणा कपूर (पूर्व प्रमुख कॉर्परेट और फाइंनेस ANZ Grindlays Bank) ने रोबोबैंक के साथ मिलकर नॉन बैंकिंग फाइंनेंस कंपनी की शुरुआत की. बाद में हरकीरत सिंह इससे बाहर निकल गए. साल 2003 में अशोक और राणा कपूर को बैंक चलाने के लिए लाइसेंस मिला. साल 2004 में यस बैंक की शुरुआत हुई. अशोक कपूर बैंक के चेयरमैन बने जबकि राणा को बैंक का एमडी बनाया गया. बैंक ने ग्राहकों के सेविंग अकाउंट पर 6 परसेंट का ब्याज दर देना शुरू किया. लिहाजा कुछ ही सालों में बैंक के पास लाखों ग्राहक पहुंच गए. बैंक बड़े कंपनियों को ऊंचे दर पर लोन दिया करती थी.

    दोस्त से बने रिश्तेदार
    इसी दौरान अशोक कपूर और राणा कपूर की दोस्ती रिश्तेदारी में बदल गई. अशोक की पत्नी मधु कपूर की बहन से राणा कपूर ने शादी कर ली. अब ये दोनों कपूर दोस्त से साढू बन गए. अशोक कपूर के दो बच्चे हैं. बेटी शगुन और बेटा गौरव. जबकि राणा कपूर की तीन बेटिया हैं. सब कुछ बढ़िया चल रहा था. बैंक तेजी से तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ रही थी, लेकिन साल 2008 में मुंबई हुए 26/11 हमले ने कहानी बदल दी. अशोक कपूर की आतंकी हमले में मौत हो गई. वो ट्राइडेंट होटल में ठहरे थे.

    मौत के बाद दुश्मनी!
    अशोक की मौत के बाद उनकी पत्नी ने अपनी बेटी को बैंक में डायरेक्टर बनाने का प्रस्ताव रखा, लेकिन बैंक ने ये कहते हुए उनकी दावेदारी खारिज कर दी कि वो आरबीआई के गाइडलाइंस को पूरा नहीं करती. मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा और साल 2015 में फैसला अशोक कपूर के हक में सुनाया गया. इससे पहले साल 2012 में राणा कपूर ने अपने बैंक का इतिहास छपवाया जहां उसने अशोक कपूर का कोई ज़िक्र किया. अशोक कपूर के परिवार ने इस अपने दोस्त से साथ धोखा करार दिया.

    ये भी पढ़ें- YES बैंक के ग्राहकों के लिए थोड़ी राहत की खबर! अब ATM से निकाल सकते हैं पैसे

    तुर्की के हमले में मारे गए कम से कम 50 पाकिस्तानी लड़ाके

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.