जम्‍मू-कश्‍मीर को कई हिस्‍सों में बांटने की अफवाहों को सरकार ने किया खारिज, कहा- ऐसा कुछ नहीं करेंगे

अर्द्धसैनिक बलों की कश्मीर वापसी के बाद अफवाहों का बाजार गर्म हो गया है. (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की बैठक से पहले कयास लगाया जा रहा है कि जम्‍मू (Jammu) को बहुत जल्‍द पूर्ण राज्‍य का दर्जा दिया जा सकता है और कश्मीर (Kashmir) को केंद्रशासित प्रदेश ही बनाकर रखा जाएगा.

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    नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अध्‍यक्षता में 24 जून को जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-Kashmir) की राजनीति पार्टियों के साथ होने वाली सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) से पहले जम्‍मू-कश्‍मीर के विभाजन को लेकर चल रही अफवाहों को सरकार से जुड़े सूत्रों ने खारिज कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक जम्मू और कश्मीर को कई हिस्‍सों में बांटे जाने की अफवाहें बिल्कुल गलत और बेबुनियाद हैं. सरकार ऐसा कुछ भी नहीं करने जा रही है.

    बता दें जम्‍मू-कश्‍मीर को लेकर पिछले कुछ हफ्तों से लगातार खबरें सामने आ रही थीं. जम्‍मू-कश्‍मीर में तेजी से हो रहे बदलाव को देखते ऐसा कयास लगाया जाने लगा था कि जम्‍मू को बहुत जल्‍द पूर्ण राज्‍य का दर्जा दिया जा सकता है और कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश ही बनाकर रखा जाएगा. यही नहीं, इस तरह की भी अफवाहें काफी सुनाई दे रही थी कि दक्षिण और उत्‍तर कश्मीर को अलग और श्रीनगर को अलग किया जा सकता है. हालांकि अब सरकार से जुड़े सूत्रों ने इन सभी अफवाहों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. ऐसा कहा जा रहा है कि सर्वदलीय बैठक कश्मीर की आवाम के हित में राजनीतिक प्रक्रिया को वापस स्थापित करने की दिशा में उठाया हुआ बड़ा कदम है.

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    केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि वह सभी राजनीतिक दलों के सहयोग से 2021 के भीतर जम्‍मू-कश्‍मीर की परिसीमन प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि जम्‍मू-कश्‍मीर में जल्‍द से जल्‍द विधानसभा चुनाव कराए जा सकें. सूत्रों ने संकेत दिया है कि विधानसभा चुनावों की संभावित तारीखें और विकल्पों जिन पर विचार किया गया है वह नवंबर/दिसंबर 2021 या अगले साल मार्च /अप्रैल की हो सकती है. शीर्ष सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज 18 को यह भी बताया कि केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव से पहले जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने पर भी विचार कर सकती है क्योंकि यह आर्टिकल 370 को निरस्त करने के बाद केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था.

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    बता दें कि शनिवार को केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने जम्मू-कश्मीर के कई नेताओं को बैठक में आमंत्रित करने के लिए फोन किया था. नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) के अल्ताफ बुखारी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन समेत 14 नेताओं को बैठक में शामिल होने का न्‍योता भेजा गया है.

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