सबसे पहले 30 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त वैक्सीन लगाएगी सरकार, जानें 4 वर्गों में कौन है शामिल

फरवरी तक लॉन्च हो सकती है 'कोवैक्सिन'. (सांकेतिक तस्वीर)
फरवरी तक लॉन्च हो सकती है 'कोवैक्सिन'. (सांकेतिक तस्वीर)

वैक्सीन लगाए जाने के लिए सरकार ने इन लाभार्थियों को चार वर्गों में बांटा है. इससे पहले भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन ने कहा था कि राज्य सरकारों से प्राथमिकता दिए जाने वाले लोगों की पहचान करने के लिए कह दिया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 7, 2020, 3:10 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Corona Virus) से जूझ रहे लोगों को वैक्सीन की दरकार है. भारत में भी उम्मीद का जा रही है कि भारत बायोटेक (Bharat Biotech) फरवरी तक अपनी स्वदेशी वैक्सीन 'कोवैक्सिन' (Covaxin) को लॉन्च कर सकता है. एक ओर हर भारतीय वैक्सीन के इंतजार में है, वहीं केंद्र सरकार ने सबसे पहले 30 करोड़ लाभार्थियों को टीका लगाने की योजना बनाई है. इन लाभार्थियों में डॉक्टर्स, नर्स, बुजुर्ग जैसे वर्ग के लोग शामिल होंगे.

केंद्र वैक्सीन की डिलीवरी प्रक्रिया की तैयारी में व्यस्त है. इससे पहले भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन (Health Minister Harshwardhan) ने कहा था कि राज्य सरकारों से प्राथमिकता दिए जाने वाले लोगों की पहचान करने के लिए कह दिया गया है. खास बात है कि इन 30 करोड़ लाभार्थियों को सरकार मुफ्त में वैक्सीन लगाएगा.

वैक्सीन लगाए जाने के लिए सरकार ने इन लाभार्थियों को चार वर्गों में बांटा है. खास बात है कि इन समूहों में शामिल लोगों को ट्रैक करने के लिए आधार कार्ड (Aadhar Card) का इस्तेमाल किया जाएगा. हालांकि, अगर लाभार्थी के पास आधार कार्ड नहीं है, तो भी कोई बात नहीं. किसी भी सरकारी फोटो आइडेंटिटी का उपयोग किया जा सकेगा.



1. एक करोड़ हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स: डॉक्टरों, नर्स और आशा कार्यकर्ताओं के अलावा इस समूह में एमबीबीएस छात्र शामिल हैं.
2. दो करोड़ फ्रंटलाइन कार्यकर्ता: इस समूह में नगर पालिका कर्मी, पुलिसकर्मी और सशस्त्र बलों के जवान होंगे.

3. 50 की उम्र से ज्यादा 26 करोड़ लोग: इस उम्र के लोगों को कोविड 19 की चपेट में आने की संभावना ज्यादा है. ऐसे में 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को लाभार्थियों में शामिल किया गया है.

4. बीमारियों से जूझ रहे एक करोड़ लोग: इस समूह में 50 की उम्र से कम लोग शामिल होंगे. इस समूह में वे लोग शामिल होंगे, जो डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं.
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