लॉकडाउन का असर! जालंधर से दिखने लगे हिमाचल के बर्फीले पहाड़

जालंधर से हिमाचल के पहाड़ों को नजारा भी दिखाई देने लगा है.
जालंधर से हिमाचल के पहाड़ों को नजारा भी दिखाई देने लगा है.

जालंधर के लोगों को धौलाधार रेंज दिखाई देने लगी है, जो हिमाचल प्रदेश में पहाड़ों की एक हिमालयन शृंखला का हिस्सा है. ये पहाड़ कांगड़ा और मंडी से निकलते हैं.

  • Share this:
जालंधर. चीन से पूरी दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) ने लोगों को भले ही घरों में कैद कर दिया हो, लेकिन इसका सबसे ज्यादा फायदा पर्यावरण में देखने को मिल रहा है. लॉकडाउन की वजह से सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रुक चुकी है और बड़े-बड़े कारखानों को कुछ दिन के लिए बंद कर दिया गया है. इसी का नतीजा है कि अब जालंधर से हिमाचल के पहाड़ों को नजारा भी दिखाई देने लगा है. धौलाधार रेंज जो हिमाचल प्रदेश में पहाड़ों की एक हिमालयन शृंखला का हिस्सा है, जालंधर के लोगों को दिखाई देने लगी है. ये पहाड़ कांगड़ा और मंडी से निकलते हैं.

दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या अब 10 लाख के आंकड़े को पार कर गई है. कई देशों ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन लागू किया है. लॉकडाउन की वजह से एक तिहाई आबादी घरों में ही सीमित है. ऐसे में कार के धुएं और कारखानों के निकलने वाले​ विषैले उत्सर्जन में काफी कमी देखने को मिल रही है. यही कारण है कि वायु गुणवत्ता का स्तर अब काफी बेहतर हो गया है.


भारत में भी प्रदूषण के स्तर में काफी ​गिरावट आई है. देश की राजधानी जहां हमेशा ही वायु की गुणवत्ता सबसे खराब स्तर पर रहती थी वहां पर हवा साफ हो चुकी है. पिछले सप्ताह दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 95 से नीचे देखा गया. मार्च में वायु की गुणवत्ता में 161 की गिरावट दर्ज की गई. यही हाल मुंबई और अन्य शहरों में भी देखने को मिल रहा है.



पंजाब में भी हवा की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है. यहां के अधिकांश शहर अब एयर ग्रीन जोन में हैं जो पिछले कई सालों में पहली बार हुआ है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, लुधियाना जो कि देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से है, 23 मार्च को 35 का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) वाला सबसे स्वच्छ शहर था. इससे एक दिन बाद (24 मार्च), यह 39 था और 26 मार्च को यहां पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 34 था. इन दो दिनों के बीच, 25 मार्च को, यह 27 के AQI के साथ भारत का सबसे साफ शहर था.

6,000 मीटर तक है धौलाधार की ऊंचाई
धौलाधार की ऊंचाई 3,500 मीटर से लेकर लगभग 6,000 मीटर तक है. रेंज कुल्लू में ब्यास नदी के किनारे से मंडी की ओर मोड़ती है. इसके बाद यह उत्तर की ओर बारभांगल से होकर गुजरती है और पीर पंजाल श्रेणी में मिलती है जिसके बाद यह चंबा में चली जाती है.

ये भी पढ़ें- भारत में सितंबर तक बढ़ाया जा सकता है लॉकडाउन का समय: रिपोर्ट

कोरोना वायरस ने अमेरिका में तोड़ा मौत का रिकॉर्ड, 24 घंटे में गई 1480 लोगों की जान
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज