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BSF का अधिकार क्षेत्र बढ़ा, अब जंगलों में फंसी SSB को भी समाधान की दरकार

BSF का अधिकार क्षेत्र बढ़ा, अब जंगलों में फंसी SSB को भी समाधान की दरकार

एसएसबी का 15 किमी का दायरा सीमा से लेकर कई राज्यों के घने जंगलों तक है. (फाइल फोटो: Shutterstock)

एसएसबी का 15 किमी का दायरा सीमा से लेकर कई राज्यों के घने जंगलों तक है. (फाइल फोटो: Shutterstock)

Jurisdiction of SSB: एसएसबी का 15 किमी का दायरा सीमा से लेकर कई राज्यों के घने जंगलों तक है. बल इसी दायरे में तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी कर सकता है.

    (अंकुर शर्मा)

    नई दिल्ली. सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकार क्षेत्र को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तनातनी जारी है. खासतौर से पंजाब और पश्चिम बंगाल में इसे लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. इसी बीच देश का एक और बल, सशस्त्र सीमा बल (SSB) भी सीमा पर सीमित दायरे के चलते परेशानियों का सामना कर रहा है. भारत-भूटान और भारत-नेपाल सीमाओं पर तैनात एसएसबी का अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर का है. पाकिस्तान से लगी हुई सीमाओं पर तैनात बीएसएफ के विपरीत एसएसबी की तैनाती खुली सीमाओं पर हुई है, जहां ना कोई फेंसिंग है और न ही डीमार्केशन है. इसके चलते इन सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध का जोखिम ज्यादा होता है.

    एसएसबी का 15 किमी का दायरा सीमा से लेकर कई राज्यों के घने जंगलों तक है. बल इसी दायरे में तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी कर सकता है. एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारियों और सुरक्षा जानकारों ने न्यूज18 को बताया कि उत्तर प्रदेश, बिहार और असम जैसे राज्यों में बीते दशकों में बल ‘बगैर दांत’ का होग गया है. इन राज्यों में सीमा वाले इलाकों में काफी ज्यादा जंगल और राष्ट्रीय उद्यान हैं. इसके चलते 15 किमी का दायरा घने जंगलों में खत्म हो जाता है, जहां एसएसबी सीमा चौकियों का निर्माण नहीं कर सकती या इन इलाकों में ठीक तरह से तलाशी अभियान नहीं चला सकती.

    एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि ऐसे इलाके शिकारियों के लिए सुरक्षित स्थान बन गए हैं. ये शिकारी पीछा करने पर एसएसबी के अधिकार क्षेत्र से भागने में सफल हो जाते हैं. अधिकारियों ने 2002 की एक घटना का हवाला दिया, जहां एक शिकारी को हिरण को गोली मारते वक्त असम में मानस राष्ट्रीय उद्यान से पकड़ा गया था, लेकिन उसके 6 साथी भागने में सफल हो गए थे.

    पूर्व स्पेशल डीजी ज्योतिर्मय चक्रवर्ती ने न्यूज18 को बताया, ‘मानस राष्ट्रीय उद्यान और बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे इलाकों में अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किमी का दायरा घने जंगलों में होता है. यहां इनकी ताकतें बेकार हो जाती हैं, क्यों कि एसएसबी अपने जवानों को जंगलों में तैनात नहीं कर सकती. यह समस्या काफी सालों से और इसके समाधान की जरूरत है.’

    उन्होंने समझाया, ‘अगर हम मानस राष्ट्रीय उद्यान का उदाहरण लें, तो जंगल के बाहरी इलाकों में हमारी कुछ चौकियां हैं. एसएसबी की चौकियां 15 किमी से आगें हैं, इसलिए कैंप अधिकार क्षेत्र से बाहर है. यहां एसएसबी के जवान गिरफ्तारी, जब्ती या तलाशी नहीं कर सकते.’

    एसएसबी उत्तराखंड, यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और अरुणाचल प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर फैली हुई है. बल का मौजूदा कर्तव्य दी गई सीमाओं पर भारत की सुरक्षा करना, इन इलाकों में रहने वाले लोगों में सुरक्षा का भाव बढ़ाना, तस्करी और दूसरी अवैध गतिविधियों को रोकना है.

    Tags: Border, BSF, Jurisdiction, SSB

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