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लोकसभा में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण एवं कल्याण संशोधन विधेयक पेश

भाषा
Updated: December 11, 2019, 4:03 PM IST
लोकसभा में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण एवं कल्याण संशोधन विधेयक पेश
(Photo by Raj K Raj/Hindustan Times via Getty Images)

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत (Thawar Chand Gehlot) ने लोकसभा में विधेयक पेश किया.

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नई दिल्ली. लोकसभा (Lok sabha) में बुधवार को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण एवं कल्यण संशोधन विधेयक पेश किया गया जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने एवं उनके साथ दुर्व्यवहार करने पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है.

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत (Thawar Chand Gehlot) ने लोकसभा में उक्त विधेयक पेश किया. विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि इससे संबंधित अधिनियम पर विचार करने के बाद सचिवों के समूह ने एक समान आयु के वरिष्ठ नागरिकों को सभी फायदा देने, वरिष्ठ नागरिकों के लिये भरण पोषण की रकम में वृद्धि करने और गृह देखरेख सेवाओं के मानकीकरण की सिफारिश की है. इसके अंतर्गत पुत्रवधू और दामाद को बालक की परिभाषा की परिधि में लाने की बात भी कही गई है.

क्या है विधेयक का मकसद?
इसका मकसद माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों द्वारा भरण पोषण के लिये आवेदन प्रस्तुत किये जाने में वृद्धि करना, अस्सी वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के आवेदनों सहित भरण पोषण आवेदनों का शीघ्र निपटान का उपबंध करना है.

इसमें मासिक भरण पोषण की 10 हजार रूपये की ऊपरी सीमा को हटाने की बात कही गई है. इसके तहत प्रत्येक जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिये विशेष पुलिस यूनिट का गठन करने तथा प्रत्येक थाने में वरिष्ठ नागरिकों के लिये शीर्ष अधिकारी नियुक्त करने तथा वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन रखने की बात कही गई है.

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First published: December 11, 2019, 3:57 PM IST
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