केंद्र सरकार ने किया मेडिकल काउंसिल के संचालन के लिए बनाई नई समिति

मोदी सरकार ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नए बोर्ड का गठन किया है. इस बारे में केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश पारित किया है.

News18Hindi
Updated: September 26, 2018, 10:52 PM IST
केंद्र सरकार ने किया मेडिकल काउंसिल के संचालन के लिए बनाई नई समिति
मोदी सरकार ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नए बोर्ड का गठन किया है. इस बारे में केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश पारित किया है.
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Updated: September 26, 2018, 10:52 PM IST
केंद्र सरकार ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के संचालन के लिए प्रतिष्ठित पेशेवरों की एक समिति का गठन किया है. सरकार ने बुधवार को इस बारे में एक अध्यादेश पारित किया है. इस बोर्ड में डॉक्टर वीके पाल, जगत राम, गंगाधर, निखिल टंडन, बलराम भार्गव, गुलेरिया शामिल हैं.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अध्यादेश एमसीआई का स्थान लेगा और परिषद की शक्तियां बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) में निहित होंगी. बीओजी परिषद का गठन होने तक काम करेगा। इससे पहले 2010 में भी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स नियुक्त किए गए थे.

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की स्थापना 1934 में हुई थी. ये काउंसिल देश में चिकित्सा मानकों का ध्यान रखती है और सारे मेडिकल शिक्षा संस्थानों की निगरानी करती है. एमसीआई के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप और मेडिकल कॉलेजों को अपारदर्शी तरीके से मान्यता देने के मामले की जांच के बीच सुप्रीम कोर्ट ने मई 2016 में सरकार को एक निगरानी समिति बनाने के निर्देश दिए थे, जिसके पास नए विधेयक के पारित होने तक एमसीआई का कामकाज देखने का अधिकार होगा. एमआईएसी के अनेक सदस्यों पर रिश्वत लेने के आरोप हैं.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पहले पैनल का एक वर्ष का समय पूरा होने पर सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से 2017 में दूसरी निगरानी समिति का गठन किया गया था. दूसरी समिति की अध्यक्षता डॉ. वीके पॉल ने की थी और इसमें एम्स (दिल्ली), पीजीआई चंडीगढ़ और निमहांस के प्रमुख चिकित्सक शामिल थे.

इस साल जुलाई में इस समिति ने 'एमसीआई द्वारा उनके निर्देशों का पालन नहीं किए जाने' का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था. समिति ने यह भी कहा कि एमसीआई ने उसके अधिकार को भी चुनौती दी है.

सूत्रों ने बताया कि ऐसे हालात में जहां सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पैनल काम नहीं कर पा रहा है और एमसीआई का स्थान लेने वाला विधेयक लंबित है ऐसे में खास ‘‘त्वरित कदम’’ उठाने की जरूरत है. इस बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में नीति आयोग के सदस्य डॉ वी के पॉल, एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया सहित अनेक अस्पतालों के चिकित्सक शामिल होंगे. ये सभी दूसरी निगरानी समिति के सदस्य थे.

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First published: September 26, 2018, 6:16 PM IST
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