Decoding Long Covid: कोरोना से ठीक होने के बाद फेफड़ों पर क्या पड़ता है असर?

(प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

कोविड-19 के ऐसे में कई मरीज जो ठीक हो चुके हैं वो लंबे वक्त से कुछ लक्षणों से जूझ ही रहे हैं, उन्हें समझ ही नहीं आ रहा है कि वो बीमारी से ठीक हुए हैं भी या नहीं.

  • Share this:
    नई दिल्ली. अब जब भारत में कोविड-19 (Covid-19) की दूसरी लहर जिसने भयानक तबाही मचाई थी, खत्म होती प्रतीत हो रही है. ऐसे में कई मरीज जो ठीक हो चुके हैं वो लंबे वक्त से कुछ लक्षणों से जूझ रहे हैं. उन्हें समझ ही नहीं आ रहा है कि वो बीमारी से ठीक हुए हैं भी या नहीं. इस प्रक्रिया को डॉक्टर ‘लॉन्ग कोविड’ कह रहे हैं. इस मामले पर प्रकाश डालने के लिए न्यूज 18, एक सीरीज लेकर आया है जिसका नाम है ‘डिकोडिंग लॉन्ग कोविड’ जिसमें अलग अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी चिंता जाहिर करेंगे और साथ ही ये बताएंगे कि इस परेशानी से कैसे निपटा जाए, और कब मदद की ज़रूरत पड़ सकती है.

    आज के कॉलम में वाशी के हीरानंदानी अस्पताल (फोर्टिस समूह) के पल्मोनोलोजिस्ट और स्लीप मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. प्रेयस वैद्य, बताएंगे कि आखिर क्यों कुछ मरीजों को ठीक होने के बाद भी लगातार ऑक्सीजन की ज़रूरत पड़ रही है.

     बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है कोविड का असर
    न्यूज 18 को दिए एक साक्षात्कार में डॉ. वैद्य ने समझाया, ‘ लंबे वक्त तक कोविड का असर जो कई मरीजों में देखने को मिला है, ये बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है. कई मामलों में, संक्रमण के बाद का असर फेफड़ों पर नज़र आ रहा है. नेगेटिव रिपोर्ट आने से पूरी तरह ठीक होने में कम से कम छह महीने लग सकते हैं, भले ही मरीज को हल्का निमोनिया ही क्यों ना हुआ हो.’

    कुछ मरीज जिन्हें गंभीर कोविड हुआ है उन्हें दो से आठ हफ्तों तक लगातार घर में भी ऑक्सीजन की ज़रूरत पड़ सकती है. अन्य लक्षणों में, कुछ लोग जिन्हें हल्का कोविड हुआ हो, उन्हें बलगम निकलने में दर्द और बार बार छाती में जकड़न की शिकायत हो सकती है. डॉक्टर का कहना है, ‘कोविड-19 ऐसे लोगों के लिए चिंता का विषय हो सकता है जिन्हें पहले से कोई चिकित्सकीय परेशानी हो, उन्हें अतिरिक्त सावधान रहने की ज़रूरत होती है ’

    करीब 30 दिनों तक लोगों में लक्षण पाए गए
    डॉ. वैद्य फ्रांस के सेंटर हॉस्पिटेलियर यूनिवर्सिटीज दे टूअर के शोधार्थियों के अध्ययन का हवाला देते हुए बताते हैं कि कोविड-19 से ठीक होने के बाद करीब 30 दिनों तक लोगों में लक्षण पाए गए. इसमें सबसे विशिष्ट लक्षण स्वाद और गंध में बदलाव था. इसके साथ ही फ्लू जैसे लक्षण भी कई लोगों में देखने को मिले.
    उन्होंने बताया, ‘लॉन्ग कोविड की वजह इन्फ्लामेशन, हायपरइम्यून रिस्पांस, ऑटोनॉमिक डिसरेग्यूलेशन, और हॉरमोनल असंतुलन का मिला जुला रूप होता है. इसके लक्षणों में किसी भी तरह के खून का थक्का जमने की शिकायत, यानि थ्रंबोसिस, ऑक्सीजन की कमी, सांस में तकलीफ, बलगम आना और छाती में दर्द हो सकता है.’

    डॉ. वैद्य चेताते हैं कि कोविड से ठीक होने के तीन महीने के बाद दिल का दौरा पड़ने और स्ट्रोक आने के मामले भी सामने आए हैं. उन्होंने कहा, ‘लॉन्ग कोविड लक्षणों से निपटने के लिए कई दवाएं हैं जो ली जा सकती हैं. हाइ प्रोटीन डाइट और हल्का फुल्का व्यायाम पहले के दिनचर्या में आने में मदद कर सकता है. कोविड-19 से ठीक हुए मरीजों को हम सलाह देते हैं कि वो किसी भी नए लक्षणों पर नज़र बना कर रखें. हम ये मशविरा देते हैं कि अपने स्वास्थ्यकर्मी के साथ संपर्क में रहें और उन्हें अपनी सेहत से जुड़ा अपडेट देते रहें, अगर कोई भी नया लक्षण उभरता है और दो दिन से ज्यादा रहता है तो तुरंत उनसे संपर्क करें.’

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.