रिसर्च में दावा: गंदगी में रहने वाले लोगों की कोरोना से हुई कम मौत, वजह जान हैरान रह जाएंगे आप

कोरोना पर वैज्ञानिकों की नई रिसर्च सामने आई है.
कोरोना पर वैज्ञानिकों की नई रिसर्च सामने आई है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) पर शोध (Research) करने वाले वैज्ञानिकों (Scientist) ने दावा किया है कि जिन राज्यों में साफ-सफाई का स्तर खराब है और वहां पर पानी की क्वालिटी भी अच्छी नहीं है वहां पर कोरोना का संक्रमण कम असरदार रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2020, 8:36 AM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना (Corona) संक्रमण के मामले भले ही कम हो गए हों लेकिन खतरा अभी टला नहीं है. कोरोना वायरस (Coronavirus) पर शोध (research) करने वाले वैज्ञानिकों (scientist) ने दावा किया है कि जिन राज्यों में साफ-सफाई का स्तर खराब है और वहां पर पानी की क्वालिटी भी अच्छी नहीं है वहां पर कोरोना का संक्रमण कम असरदार रहा है. ऐसे राज्यों में कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा विकसित राज्यों से काफी कम रहा है.

सेंटर फॉर साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च के वैज्ञानिकों ने चौंकाने वाले अपने शोध में दावा किया है कि लो मिडिल इनकम वाले देशों में पैरासाइट और बैक्टीरिया से फैलने वाली बीमारी हमेशा से रही है. ऐसे में यहां के लोगों में इन बैक्टीरिया से लड़ने के लिए पहले से इम्यून सिस्टम तैयार हो जाता है. शरीर में होने वाले इस बदलाव को हायपोथिसिस कहते हैं. वैज्ञानिकों ने कहा है कि जो देश पहले से इस तरह के संक्रमण से जूझ रहे हैं वहां पर कोरोना से मौत के मामले पहले से काफी कम हैं.

वैज्ञानिकों ने कहा है कि इस पूरे केस को फैटेलिटी रेशियो (CFR) से समझा जा सकता है. CFR का मतलब होता है किसी भी महामारी से होने वाली मौत का अनुपात. भारत की बात करें तो यहां पर बिहार काफी पिछड़ा हुआ दिखाई पड़ता है. यहां पर गंदगी और साफ सफाई पर ध्यान काफी कम दिया जाता है. यही कारण है कि यहां के लोगों में पहले से इम्यून सिस्टम तैयार हो चुका है जो किसी भी संक्रमण से लड़ सकने में सक्षम है. यही कारण है कि बिहार में कोरोना के कारण औसत मृत्युदर 0.5 फीसदी है.
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बिहार की तरह ही केरल में 0.4 फीसदी, तेलंगाना में 0.5 प्रतिशत, असम में 0.4 फीसदी जबकि झारखंड और छत्तीसगढ़ में 0.9% मौतें ही कोरोना संक्रमण के कारण हुई हैं. वहीं दूसरी तरफ विकसित राज्यों की बात करें तो वहां पर कोरोना के संक्रमण से होने वाली मौत का आंकड़ा बढ़ जाता है. शोध में बताया गया है कि महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब की बात करें तो यहां पर कोरोना से होने वाली मौत की दर 2 फीसदी से अधिक रही है.
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