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दिल्ली और पंजाब, दोनों जगह सरकार... क्या पराली की समस्या दूर कर पाएंगे केजरीवाल?

दिल्ली और पंजाब, दोनों जगह सरकार... क्या पराली की समस्या दूर कर पाएंगे केजरीवाल?

पंजाब में जीत: क्या पराली समस्या खत्म कर दिल्ली की हवा साफ कर पाएंगे केजरीवाल? (News 18)

पंजाब में जीत: क्या पराली समस्या खत्म कर दिल्ली की हवा साफ कर पाएंगे केजरीवाल? (News 18)

Punjab News: AAP ने विधानसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज करके राज्य की सत्ता पर कब्जा कर लिया है. अब ये देखना रोचक होगा कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब में पराली की समस्या को खत्म करके दिल्ली के प्रदूषण को दूर करने में कितने सफल हो पाते हैं.

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नई दिल्ली. पंजाब विधानसभा (Punjab Assembly Election Result) की कुल 117 सीटों में से 92 पर जीत हासिल करने के साथ ही आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली के बाहर एक नए राज्य में सत्ता में आने में सफलता हासिल की है. अब ये देखना रोचक होगा कि आने वाली सर्दियों में आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पंजाब में पराली की समस्या को खत्म करके दिल्ली के प्रदूषण को दूर करने में कितने सफल हो पाते हैं. अब सभी की निगाहें दिल्ली के तीन बार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर होंगी. जिन्होंने सर्दियों में शहर में खतरनाक वायु प्रदूषण के लिए हमेशा पड़ोसी राज्यों की सरकारों को दोषी ठहराया है.

हर साल अक्टूबर में जब दिल्ली में आसमान धुंध से भर जाता है तो दिल्ली के मुख्यमंत्री पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए कुछ नहीं करने के लिए हमला करते हैं. इसके बदले में वे लोग दिल्ली सरकार को वाहन प्रदूषण को रोकने में विफलता के लिए दोषी ठहराते हैं. जो कुल प्रदूषण में कम से कम 40 प्रतिशत का योगदान करता है. पिछले महीने के विधानसभा चुनावों से पहले शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने केजरीवाल पर दिल्ली की प्रदूषित हवा के लिए पंजाब के किसानों को बदनाम करने का भी आरोप लगाया था.

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दिल्ली के सीएम ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी कई बार पराली को लेकर दोष मढ़ा था. अब जबकि पंजाब और दिल्ली दोनों की बागडोर केजरीवाल की पार्टी के हाथों में है, ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या नई सरकार इस सर्दी में उस पुराने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को रोक सकती है या नहीं. विधानसभा में रिकॉर्ड बहुमत के साथ अब AAP के पास अब किसानों के लिए बायो-डीकम्पोजर्स (bio-decomposers) की अपनी बहुप्रचारित योजना को लागू करने का पूरा अधिकार है.

कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा ने कहा कि ‘AAP को अब चीजों को ठीक करने का एक बड़ा मौका मिला है. हमें देखना होगा कि वे इस चुनौती का कितने सही तरीके से सामना करते हैं. कम से कम उन्हें अब केवल बयानबाजी से बचना होगा.’ शर्मा ने कहा कि ‘पंजाब भारत में हरित क्रांति का अगुवा रहा है, लेकिन इसके कारण पर्यावरणीय में गड़बड़ी पैदा हुई है. अब यहां आप पार्टी के लिए एक मौका है कि वह राज्य को एक ‘सदाबहार क्रांति’ की राह पर ले जाए.’

गौरतलब है कि विशेष रूप से अक्टूबर-नवंबर में धान की कटाई के पीक सीजन में किसान बड़ी मात्रा में पराली को जलाते हैं. अकेले पंजाब में हर साल अनुमानित 20 मिलियन टन धान की पराली का उत्पादन होता है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद पराली जलाने का काम बेरोकटोक जारी है.

Tags: AAP, Air pollution delhi, Arvind kejriwal, Punjab Assembly Election

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