तमिलनाडु: मंदिर की चाबी देने से किया मना तो पुजारी ने दलित गार्ड से की मारपीट, मामला CCTV में कैद

सीसीटीवी फुटेज (साभार: Twitter/Bharathi S. P.
@aadhirabharathi)
सीसीटीवी फुटेज (साभार: Twitter/Bharathi S. P. @aadhirabharathi)

आरोप लगाए जा रहे हैं कि पुजारी ने गार्ड को नौकरी से निकाले जाने की धमकी दी थी. फिलहाल मामले को लेकर गार्ड की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है. कहा जा रहा है कि गार्ड ने कोरोना के कारण चाबियां देने से मना किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 1, 2020, 12:15 PM IST
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चेन्नई. तिरुचेंदुर श्री सुब्रमण्यम स्वामी देवस्थानम मंदिर (Tiruchendur Sri Subrahmanya Swami Devasthanam temple) की सुरक्षा में लगे एक दलित (Dalit) गार्ड को पुजारी के गुस्से का सामना करना पड़ा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुजारी ने गार्ड से चाबी मांगी थी, जिसे गार्ड ने नहीं माना. इस बात से नाराज पुजारी ने कथित तौर पर दलित के साथ हाथापाई कर दी. मामला सीसीटीवी (CCTV) में कैद हो गया है. हालांकि, इस मारपीट (Beating) को लेकर गार्ड ने अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं कराया है.

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, गार्ड ने बगैर अधिकारियों की इजाजत के पुजारी को चाबी देने से इनकार कर दिया था. मारपीट करने वाले पुजारी का नाम जयमालिनी कुमार (Jaymalini Kumar) बताया जा रहा है. सीसीटीवी में कैद वीडियो में पुलिस के जवान और दो अन्य पुजारी भी नजर आ रहे हैं. वीडियो में दिख रहा है कि पुजारी और गार्ड के बीच काफी कहासुनी हो रही है और बात जब ज्यादा बिगड़ी तो जयमालिनी ने गार्ड को मारा और धक्का दे दिया.


गार्ड को नौकरी जाने का डर
मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी कर रहे गार्ड ने डर के कारण अभी तक मामले की शिकायत दर्ज नहीं कराई है. हालांकि, गार्ड की जगह विधुतलाई चिरुथईगल काछी, थूथुकुड़ी के जिला सचिव मुरासू तामीझप्पन (Murasu Thamizhappan) ने तिरुचेंदुर मंदिर पुलिस को शिकायत सौंपी है और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की रोकथाम के तहत एफआईआर दर्ज करने की अपील की है.





पुजारी पर लगाए हैं धमकाने के आरोप
मुरासू ने अपनी शिकायत में पुजारी पर गार्ड को धमकाने के आरोप लगाए हैं. उन्होंने अपने शिकायत में कहा कि कुमार ने गार्ड को नौकरी से निकाले जाने की धमकी दी थी. उन्होंने लिखा कि पुजारी ने दलित के साथ मारपीट भी की थी. इन बातों पर विचार करते हुए एफआईआर दर्ज होनी चाहिए. अंग्रेजी वेबसाइट द न्यूज मिनट से बातचीत में मुरासू ने कहा 'मैंने गार्ड से बात की थी. उसकी तीन बेटियां हैं, इस वजह से वजह से नौकरी जाने को लेकर डर हुआ है. वह इस मुद्दे पर कोई बात नहीं करना चाहता. ऐसे में मैंने पुलिस में शिकायत की है, लेकिन मुझे अभी तक एफआईआर की कॉपी नहीं दी गई है.' उन्होंने बताया कि गार्ड ने कोरोना वायरस के चलते चाबी नहीं दी थी.

उन्होंने बताया कि वह इस मामले को लेकर शनिवार को तहसीलदार और सोमवार के कलेक्टल से मिलेंगे. उन्होंने कहा कि यह कृत्य पुजारी जातिवाद मानसिकता को दिखाता है. 'ऐसे लोगों को मंदिर में पुजारी के तौर पर नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए.'
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