नदी में तैरते शवों को देख उठा सवाल, क्या पानी के जरिए फैलता है कोरोना? पढ़े रिपोर्ट

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कोरोना वायरस फैलने का मुख्य जरिया छोटी बूंदे होती हैं, जो सांस लेते, खांसते या छींकते समय बाहर निकलती हैं. (फाइल फोटो)

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कोरोना वायरस फैलने का मुख्य जरिया छोटी बूंदे होती हैं, जो सांस लेते, खांसते या छींकते समय बाहर निकलती हैं. (फाइल फोटो)

Coronavirus in India: अभी तक इस बात का कोई सबूत नहीं है कि बहते पानी या स्विमिंग पूल में SARS-CoV-2 फैल सकता है. फिलहाल हवा को कोरोना वायरस फैलने का मुख्य जरिया माना जा रहा है.

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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश (UP) और बिहार (Bihar) में गंगा नदी से 70 से ज्यादा शव तैरते मिले हैं. इन शवों के अचानक मिलने से क्षेत्र समेत पूरे देश में सनसनी है. हालांकि, स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन शवों की संख्या 100 के पार बताई जा रही है. अब इस घटना के बाद लोगों के बीच गंगा नदी के जरिए कोविड-19 (Covid-19) महामारी फैलने को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. इसके अलावा लोग मृत शरीर से भी कोविड फैलने की आशंका का सामना कर रहे हैं.

मृत शरीर से फैल सकता है कोरोना!

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक यह साफ नहीं है कि मृत शरीर संक्रामक हो सकते हैं या नहीं. कई एक्सपर्ट्स इस बात का खंडन करते हैं. हालांकि, दुनियाभर में अथॉरिटीज ने कोविड-19 के मामले में शवों को लेकर कई नियम तैयार किए हैं. भारत में स्वास्थ्य एजेंसियां ऐसी शवों के मामले में काफी देखरेख की सलाह देती हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और एम्स की तरफ से जारी गाइडलाइंस बताती हैं कि शवों को संभालने के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा बना रहता है. उन्होंने मास्क, आंखों की सुरक्षा, हैंड सैनिटाइजेशन और मृत शरीर को रखने वाले बैग को डिसइंफेक्ट करने की सलाह दी है.

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सवाल कि क्या पानी से फैलता है कोरोना?

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कोरोना वायरस फैलने का मुख्य जरिया छोटी बूंदे होती हैं, जो सांस लेते, खांसते या छींकते समय बाहर निकलती हैं. वहीं, कुछ बेहद छोटी बूंदों को एयरोसोल्स कहा जाता है. ये हवा में तैर सकती हैं. वहीं, कुछ स्टडीज में संक्रमित के मल में भी कोरोना वायरस मिलने का दावा किया गया. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि मल किसी स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है या नहीं, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, शरीर से निकला तरल पदार्थ कोरोना वायरस फैला सकता है.

हालांकि, अभी तक इस बात का कोई सबूत नहीं है कि बहते पानी या स्विमिंग पूल में SARS-CoV-2 फैल सकता है. फिलहाल हवा को कोरोना वायरस फैलने का मुख्य जरिया माना जा रहा है. कुछ स्टडीज में नदी और खराब पानी में SARS-CoV-2 मिला है, लेकिन इनमें वायरस की संक्रामकता साबित नहीं हुई है. रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन के हवाले से बताया गया है 'कोविड-19 स्विमिंग के दौरान पानी के जरिए नहीं फैलता. वायरस लोगों के बीच तब फैलता है, जब कोई संक्रमित व्यक्ति के नजदीक हो.'




पर्याप्त रिसर्च के अभाव में कोरोना वायरस फैलने की केवल एक सैधांतिक संभावना है या कोविड -19 प्रसारण की संभावना कम है. फिर भी शवों को संक्रामत माना जा सकता है और इनमें बड़ी संख्या में बैक्टीरिया और वायरस होते हैं, जो इस मामले में गंगा में केवल प्रदूषण बढ़ाएंगे. जो लोग इन तैरते शवों के सीधे संपर्क में आ रहे हैं, उनके स्वास्थ्य पर गलत असर पड़ सकता है.

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