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RSS से जुड़े महिला संगठन के सर्वे में दावा, देश में 64 प्रतिशत महिलाएं खुश

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Updated: September 20, 2019, 4:15 PM IST
RSS से जुड़े महिला संगठन के सर्वे में दावा, देश में 64 प्रतिशत महिलाएं खुश
इस संगठन ने ये सर्वे वीएचपी, विद्या भारती और एबीवीपी के साथ मिलकर किया है.

एक महिला संगठन राष्‍ट्र सेविका समिति (The Rashtra Sevika Samiti) ने एक सर्वे में दावा किया है कि देश में 64 प्रतिशत महिलाएं खुश रहती हैं. इस सर्वे को राजधानी दिल्‍ली में 24 सितंबर को जारी किया जाएगा. महिलाओं की स्‍थिति पर किया गया अब तक का सबसे बड़ा सर्वे बताया जा रहा है.

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  • Last Updated: September 20, 2019, 4:15 PM IST
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नई दिल्‍ली: राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (RSS) से प्रभावित एक महिला संगठन राष्‍ट्र सेविका समिति (The Rashtra Sevika Samiti) ने एक सर्वे में दावा किया है कि देश में 64 प्रतिशत महिलाएं खुश रहती हैं. इस सर्वे को राजधानी दिल्‍ली में 24 सितंबर को जारी किया जाएगा. महिलाओं की स्‍थिति पर किया गया अब तक का सबसे बड़ा सर्वे बताया जा रहा है.

ये सर्वे इसलिए भी अहम हो जाता है क्‍योंकि कुछ दिनों पहले ही थॉमसन रॉयटर्स ने भारत को महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देशों में माना था. इसमें 2007 से लेकर 2016 तक के आंकड़ों का हवाला दिया गया था. इसके अनुसार, महिलाओं के प्रति होने वाला अपराध इन सालों में 83 प्रतिशत तक बढ़ा है.

574 जिलों में सर्वे
राष्‍ट्र सेविका समिति ने दो साल पहले देश के 574 जिलों में महिलाओं की स्‍थिति जानने के लिए सर्वे शुरू किया. राष्‍ट्र सेविका समिति की प्रमुख कार्यवाहिका (जनरल सेक्रेटरी) सीता आनंदनम ने कहा, ''हमने देश के कई जिलों में अलग अलग पैमानों पर ये सर्वे किया है. इसमें मुख्‍य रूप से भावनात्‍मक और उनकी खुशी से जुड़े सवाल थे.''

उन्‍होंने कहा, हमारा सर्वे 574 जिलों में किया गया. इसमें सामने आया है कि 64 प्रतिशत महिलाएं खुश हैं. हमने इसमें वीएचपी, विद्या भारती, एबीवीपी और दूसरे संगठनों की मदद ली है.

वर्ल्‍ड इकोनोमिक फोरम ने 2018 में कहा था, भारत को सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाने होंगे. ये बयान वर्ल्‍ड इकोनोमिक फोरम की उस रिपोर्ट के बाद आया था, जिसमें भारत को जेंडर गैप रिपोर्ट में 108वां स्‍थान मिला था.

सीता आनंदनम ने कहा, हम अपने सर्वे के लिए किसी पश्‍चिमी देश या संगठन की रिपोर्ट पर निर्भर नहीं थे. हमारा ये सर्वे वालेंटियर के द्वारा किया गया है. हम उन क्षेत्रों में गए. जहां महिलाएं गरीब हैं और कम पढ़ी लिखी हैं. इसके बावजूद वह खुशी में जी रही हैं.
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First published: September 20, 2019, 4:13 PM IST
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