J-K निकाय चुनाव: अलगाववादी नेता काज़ी यासिर बोले- आज़ादी के लिए घरों से निकले लोग

J-K निकाय चुनाव: अलगाववादी नेता काज़ी यासिर बोले- आज़ादी के लिए घरों से निकले लोग
काजी यासिर की फाइल फोटो

अलगाववादी नेता काजी यासिर ने कहा 'भारत कश्मीर में चुनाव करवाके दुनिया को धोखा दे रहा है और मैं उस धोखे का विरोध करना चाहता हूं.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2018, 7:54 PM IST
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दो मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के बहिष्कार और आतंकवादी खतरों के बीच कश्मीर में सोमवार को निकाय चुनाव होंगे. अलगाववादियों के बहिष्कार के बीच एक अलगाववादी नेता चाहता है कि लोग वोट करें. उम्मत-ए-इस्लामी के चेयरमैन काजी यासिर ने लोगों से अपील की है कि वो बाहर आकर मतदान करें. हालांकि, वह मतदान बूथ के पास ही बैलेट बॉक्स सेट करने की योजना बना रहे हैं.

काजी यासिर ने न्यूज 18 को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि ये पोलिंग बूथ आजादी के लिए हैं. काजी यासिर ने कहा, 'भारत कश्मीर में चुनाव करवा के दुनिया को धोखा दे रहा है और मैं उस धोखे की खिलाफत करना चाहता हूं.'

जहां अन्य अलगाववादी नेताओं ने लोगों से घर के अंदर रहने और चुनाव बहिष्कार करने के लिए कहा है.  वहीं, 30 साल के अलगाववादी नेता ने कहा, 'हम अलगाववादी समूहों को एक नई स्ट्रैटजी दे रहे हैं. हम चाहते हैं कि सभी कश्मीरी बाहर निकलें और अपने अंदर से डर को निकाल कर खुद को व्यक्त करें. हम लोगों को उनके घरों पर रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकते.'




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काजी ने कहा, 'मैं उन लोगों के खिलाफ नहीं हूं, जो वोट करेंगे लेकिन मुझे विश्वास है कि ज्यादातर लोग हमारे साथ हैं. वह इस नई स्ट्रैटजी पर बाकी के अलगाववादियों से चर्चा करेंगे.' काजी ने अपनी योजनाओं पर आशावादी नजरिया अपनाते हुए आगे कहा कि मैं अपने इस विचार को अन्य अलगाववादी नेताओं तक पहुंचाने की कोशिश भी कर रहा हूं. हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्ट्रैटजी उन लोगों के आंदोलन को सुविधाजनक बनाने जा रही है जो मतदान करना चाहते हैं.

इस बीच शहरी स्थानीय चुनाव को देखते हुए कश्मीर में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शहर में कई चेक पॉइंट बना दिए गए हैं. जहां पर आने-जाने वाली गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है. इसके लिए स्नाइफर डॉग्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इस दौरान कोई अप्रिय घटना न हो.

अधिकारी ने कहा कि चुनावों के दौरान सुरक्षा प्रदान करना किसी चुनौती से कम नहीं है. विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच अच्छा तालमेल है और घाटी में सुरक्षा की भावना फैलाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं.

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