भविष्य की समस्या का समाधान है हाइब्रिड गाड़ियां: सारस्वत

नीति आयोग के सदस्य पूर्व वैज्ञानिक वी के सारस्वत ने कहा है कि भविष्य हाइब्रिड गाडियों का ही होगा. यही पेट्रोलियम पर बढ़ती निर्भरता को कम करने में हमारी सहायता करेंगी.

भाषा
Updated: September 16, 2018, 8:59 PM IST
भविष्य की समस्या का समाधान है हाइब्रिड गाड़ियां: सारस्वत
VK Saraswat ( file photo)
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Updated: September 16, 2018, 8:59 PM IST
नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत का मानना है कि, देश में भविष्य के आवागमन के साधनों में हाइब्रिड गाड़ियों का महत्वपूर्ण भूमिका होगी. उन्होंने कहा कि, पेट्रोल, डीजल से चलने वाले वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर जाने के लिये समुचित बुनियादी ढांचा खड़ा करने की आवश्यकता है. हालांकि यह इतना आसान नही हैं, इसमें समय लगेगा.

सारस्वत के अनुसार, हाइब्रिड वाहनों से तात्पर्य ऐसी गाड़ियों से है जो बिजली और पेट्रोल, डीजल दोनों तरह की तकनीक से चलनी हैं. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) प्रौद्योगिकी की शुरूआत दो-पहिया और तीन-पहिया वाहनों से होनी चाहिए. सारस्वत ने पीटीआई -भाषा से कहा, ‘‘किसी भी चीज का एक क्रम होता है. आज की जो स्थिति है, आपके पास 100 प्रतिशत ऐसी प्रणाली है जो परंपरागत ईंधन पर काम करती है.’’

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उन्होंने कहा, ‘‘आप आज सीधे बैटरी प्रौद्योगिकी पेश कर रहे हैं. बैटरी प्रौद्योगिकी में समय लगेगा क्योंकि इसके लिये संबंधित बुनियादी ढांचा क्षमता की जरूरत होगी.’’ सारस्वत ने कहा कि आप आंतरिक दहन तकनीक इंजन (आईसी) को लगातार कार्बन डाई आक्साइड उत्सर्जन की अनुमति नहीं दे सकते. ऐसे में उत्सर्जन में कमी लाने को लेकर आईसी इंजन को हाइब्रिड में तब्दील करना होगा. इसका मतलब है कि आप आईसी इंजन और इलेक्ट्रिक वाहनों को साथ-साथ लें.’’

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उनका मानना है कि, हाइब्रिड वाहनों के लिये देश के बुनियादी ढांचे में कोई बड़े सुधार की जरूरत नहीं है.
इसलिए हाइब्रिड मार्ग को खोले रखना चाहिए. पहले दो पहिया और तीन पहिया वाहनों के लिये बैटरी प्रौद्योगिकी पेश पेश कीजिए...’’ सारस्वत ने कहा कि ये वाहन ऐसे हों जिससे एक बार में चार्ज करने पर ये वाहन 100 से 150 किलोमीटर जा सके और इसके लिये प्रौद्योगिकी उपलब्ध हों.
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