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किसान आंदोलन पर ट्वीट कर रहीं अंतरराष्ट्रीय सेलेब्रेटीज को विदेश मंत्रालय ने दिया सख्त जवाब

ढाई महीने से चल रहा है किसान आंदोलन. (Pic- AP)
ढाई महीने से चल रहा है किसान आंदोलन. (Pic- AP)

Farmers protest: इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने कहा, 'इस तरह के मामलों पर टिप्पणी करने से पहले हम आग्रह करते हैं कि तथ्यों का पता लगाया जाए और मुद्दों की उचित समझ की जाए.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2021, 1:20 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार की ओर से पास किए गए 3 कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसान दिल्‍ली की सीमाओं पर पिछले करीब ढाई महीने से आंदोलन (Farmers Protest) कर रहे हैं. उनकी मांग है कि सरकार इन कानूनों को वापस ले. कुछ विपक्षी दल भी किसानों के समर्थन में उतर चुके हैं. वहीं अब उनके इस आंदोलन को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर भी समर्थन मिलने लगा है. अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना ने किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट करके इन चर्चाओं को और बढ़ा दिया है. वहीं अब विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में अपना बयान जारी किया है.

इस मामले पर विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी करके कहा है, 'सनसनीखेज सोशल मीडिया हैशटैग और कमेंट्स से लुभाने का तरीका, खासकर जब मशहूर हस्तियों और अन्य लोगों द्वारा किया गया हो तो यह न तो सटीक है और न ही जिम्मेदाराना है.' विदेश मंत्रालय का यह जवाब तक आया है जब पॉप सिंगर रिहाना, क्‍लाइमेट एक्टिविस्‍ट ग्रेटा थनबर्ग और अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति कमला हैरिस की रिश्‍तेदार मीना हैरिस ने किसान आंदोलन को लेकर ट्वीट किए हैं.





विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इन विरोधों पर अपना एजेंडा लागू करने और उन्हें पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे निहित स्वार्थी समूहों को देखना दुर्भाग्यपूर्ण है. जैसा कि 26 जनवरी को देखा गया था.
इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने कहा, 'इस तरह के मामलों पर टिप्पणी करने से पहले हम आग्रह करते हैं कि तथ्यों का पता लगाया जाए और मुद्दों की उचित समझ की जाए. भारत की संसद ने पूर्ण बहस और चर्चा के बाद कृषि क्षेत्र से संबंधित सुधारवादी कानून पारित किए.'

विदेश मंत्रालय ने कहा है, 'इन निहित स्वार्थ समूहों में से कुछ ने भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश की है. ऐसे बाहरी तत्वों से प्रेरित होकर दुनिया के कई हिस्‍सों में महात्मा गांधी की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. यह भारत के लिए और हर जगह सभ्य समाज के लिए बेहद परेशान करने वाली बात है.'
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