नगरोटा एनकाउंटर में मारे गए आतंकवादियों को मिली थी कमांडो ट्रेनिंग, 30 KM पैदल चलकर भारत में हुए थे दाखिल

जम्मू-कश्मीर के नगरोटा सेक्टर में गुरुवार की सुबह एनकाउंटर में 4 आतंकी ढेर हो गए.
जम्मू-कश्मीर के नगरोटा सेक्टर में गुरुवार की सुबह एनकाउंटर में 4 आतंकी ढेर हो गए.

खुफिया एजेंसियों को खबर लगी है कि इस पूरी साजिश को अंजाम देने में साल 2016 में पठानकोट (Pathankot) में हुए हवाई हमले के मुख्य आरोपी जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के ऑपरेशनल कमांडर कासिम जान का भी हाथ था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 22, 2020, 10:10 AM IST
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नगरोटा. जम्मू के नगरोटा (Nagrota) में गुरुवार को हुए एनकाउंटर (Encounter) में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के चारों पाकिस्तानी आतंकी के बारे में नई जानकारी हाथ लगी है. खुफिया एजेंसियों को खबर लगी है कि इस पूरी साजिश को अंजाम देने में साल 2016 में पठानकोट में हुए हवाई हमले के मुख्य आरोपी जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) के ऑपरेशनल कमांडर कासिम जान का भी हाथ था. एजेंसी के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर में कासिम के कई लड़ाके मौजूद हैं जो उसके एक इशारे पर कोई भी वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार रहते हैं. बता दें कि कासिम भारत में जैश आतंकवादियों के मुख्य लॉन्च कमांडरों में से एक है और उसके आतंकी मुफ्ती रऊफ असगर से सीधे संबंध हैं.

हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को खबर लगी है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को हटाने और तालिबान के पुनरुत्थान के बाद से जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) के आतंकी तेजी से जम्मू-कश्मीर में एक्टिव हो रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, 14 विशेष रूप से प्रशिक्षित आतंकवादियों को गुजरांवाला के रास्ते भारत में दाखिल करने की कोशिश की जा रही है.

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक नगरोटा एनकाउंटर में मारे गए जैश के सभी चारों आतंकवादियों को कमांडो ट्रेनिंग दी गई थी. मारे गए आतंकी शकरगाह में सांबा सीमा पर जैश के शिविर से 30 किलोमीटर पैदल चले थे. इसके बाद जटवाल स्थित पिकअप प्वाइंट तक पहुंचे थे. बता दें कि सांबा से कठुआ तक का रास्ता 6 किलोमीटर का है. ऐसे में ये कहा जा सकता है कि आतंकवादी रात के अंधेरे में ही भारत में दाखिल हुए थे.
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ढाई घंटे पैदल चलकर आतंकी भारत की सीमा तक पहंंचे
सुरक्षा एजेंसी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक आतंकवादी करीब ढाई घंटे पैदल चलकर भारत की सीमा तक पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि आतंकियों का संभवित मार्ग सांबा सेक्टर में मावा गांव था, जो रामगढ़ और हीरानगर सेक्टर के बीच है. यहां से वह नानाथ नाले के पास कच्चे ट्रैक के जरिए बॉर्डर तक पहुंचे थे. इसके बाद रात करीब 3 बजे आतंकवादी एक ट्रक जिसका नंबर JK01AL 1055 था उस पर सवार हो गए थे. बता दें कि रात करीब 3:44 बजे इन चारों आतंकवादियों को जम्मू की ओर सरोर टोल प्लाजा को पार करते हुए देखा गया था. इसके बाद ट्रक नरवाल बाइपास होते हुए कश्मीर की तरफ बढ़ा. हालांकि सुबह करीब 4.45 बजे भारतीय सुरक्षा बलों ने ट्रक को बन टोल प्लाजा के पास रोक लिया और चारों आतंकवादियों को मार गिराया.

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200 आतंकी भारत में घुसने की फिराक में हैं
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक करीब 200 आतंकवादी भारत में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे हैं. जांच एजेंसियों के मुताबिक सीमा पार अल-बद्र समूह के साथ आतंकी संगठन लश्कर-ए-मुस्तफा भी अब एक्टिव हो गया है. आतंकी संगठन लश्कर-ए-मुस्तफा को हिदायतुल्ला मलिक ऑपरेटर कर रहा है.
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