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कैप्टन पर बरसीं हरसिमरत कौर, कहा- उन्हें CM बने रहने हक नहीं, गैंगस्टर चला रहे पंजाब को


शिरोमणि अकाली दल के प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल की गाड़ी हमले के बाद पार्टी नेता हरसिमरत कौर बादल ने राज्य की अमरिंदर सिंह की सरकार पर हमला बोला है.  (फाइल फोटो)
शिरोमणि अकाली दल के प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल की गाड़ी हमले के बाद पार्टी नेता हरसिमरत कौर बादल ने राज्य की अमरिंदर सिंह की सरकार पर हमला बोला है. (फाइल फोटो)

Harsimrat Kaur on Farmers Protest: हरसिमरत कौर ने कहा, "प्रदर्शनस्थल को सरकार ने किले में बदल दिया है. बैरिकेड लगा दिए हैं. नुकीले कील ठोंकवा दिए हैं और पुलिस वालों को रॉड सौंप दिया है, जैसे कि पाकिस्तानी प्रदर्शन कर रहे हैं. वे सब हमारे अपने लोग हैं. हमारे किसान है. लेकिन, जिस तरह का व्यवहार उनके साथ हो रहा है, वो शर्मनाक है."

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 2, 2021, 6:10 PM IST
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नई दिल्ली. पंजाब (Punjab) के जलालाबाद (Jalalabad) में शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) की गाड़ी हमले के बाद पार्टी नेता हरसिमरत कौर बादल (Harsimrat Kaur Badal) ने राज्य की अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) की सरकार पर हमला बोला है. हरसिमरत कौर ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री बने रहने का कोई अधिकारी नहीं है. राज्य में कानून व्यवस्था की ऐसी हालत हो गई है कि जेड प्लस सिक्योरिटी प्राप्त व्यक्ति की गाड़ी पर हमला हो जा रहा है और पुलिस मूकर्शक बनी देखती रहती है. गैंगस्टर पंजाब को चला रहे हैं. पंजाब में गुंडाराज का शासन चल रहा है. इसके साथ ही हरसिमरत कौर ने कहा, "किसान आंदोलन के प्रति केंद्र सरकार का रवैया हैरान करने वाला है. प्रदर्शनस्थल को सरकार ने किले में बदल दिया है. बैरिकेड लगा दिए हैं. नुकीले कील ठोंकवा दिए हैं और पुलिस वालों को रॉड सौंप दिया है, जैसे कि पाकिस्तानी प्रदर्शन कर रहे हैं. वे सब हमारे अपने लोग हैं. हमारे किसान है. लेकिन, जिस तरह का व्यवहार उनके साथ हो रहा है, वो शर्मनाक है."

इससे पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने मंगलवार को दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर गाजीपुर में किसानों के प्रदर्शन स्थल पर भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की. किसानों के विरोध स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. राउत दोपहर में करीब एक बजे यहां पहुंचे और मंच के पास टिकैत तथा अन्य प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की. उस समय राउत सहित कुछ लोगों ने ही मास्क पहन रखे थे. राउत ने कहा, ‘‘26 जनवरी के बाद जिस तरह से यहां तोड़फोड़ हुयी और टिकैत तथा आंदोलन के दमन की कोशिश की गई, हमने महसूस किया कि किसानों के साथ खड़े रहना और पूरे महाराष्ट्र, शिवसेना तथा उद्धव ठाकरे साहब की ओर से समर्थन करना हमारी जिम्मेदारी है.' टिकैत ने कहा कि किसानों का विरोध राजनीतिक नहीं है और किसी राजनीतिक दल के नेता को मंच पर स्थान या माइक नहीं दिया गया है.

वर्ष 2019 तक भाजपा के नेतृत्व वाले राजग की प्रमुख सहयोगी शिवसेना उन 19 विपक्षी दलों में से एक है जिसने 29 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया और किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया है.

इससे पहले शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक दल, समाजवादी पार्टी सहित अन्य दलों के नेताओं ने गाजीपुर का दौरा किया था. बीकेयू के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी किसान दो महीने से अधिक समय से यहां डटे हुए हैं. प्रदर्शनकारी किसान नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं.
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