पूरे पंजाब को कृषि मंडी घोषित किया जाए: सुखबीर बादल

सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को मांग की कि पंजाब सरकार तत्काल एक अध्यादेश लेकर आए जिसमें पूरे राज्य को कृषि बाजार घोषित किया जाए ताकि केंद्र के कृषि विधेयकों को यहां लागू करने से रोका जा सके (फाइल फोटो)
सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को मांग की कि पंजाब सरकार तत्काल एक अध्यादेश लेकर आए जिसमें पूरे राज्य को कृषि बाजार घोषित किया जाए ताकि केंद्र के कृषि विधेयकों को यहां लागू करने से रोका जा सके (फाइल फोटो)

शिरोमणी अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) ने कहा, ‘‘केंद्र के नए कानूनों (New Laws) को पंजाब (Punjab) में लागू करने का एकमात्र तरीका यह है कि पूरे राज्य को कृषि उत्पाद की मंडी (Agricultural Produce Market) घोषित कर दिया जाए.’’

  • भाषा
  • Last Updated: September 26, 2020, 8:30 PM IST
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चंडीगढ़. शिरोमणी अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) ने शनिवार को मांग की कि पंजाब सरकार (Punjab Government) तत्काल एक अध्यादेश (Ordinance) लेकर आए जिसमें पूरे राज्य को कृषि बाजार (Agricultural market) घोषित किया जाए ताकि केंद्र के कृषि विधेयकों (Farm Bills) को यहां लागू करने से रोका जा सके. शिअद ने एक वक्तव्य में कहा, ‘‘अकाली फोबिया (Akali Phobia) से दिनरात ग्रस्त रहने और अपने विरोधियों पर दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने में व्यस्त रहने के बजाए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (CM Captain Amarinder Singh) किसानों की रक्षा के लिए कदम उठाएं.’’

बादल ने कहा, ‘‘केंद्र के नए कानूनों (New Laws) को पंजाब (Punjab) में लागू करने का एकमात्र तरीका यह है कि पूरे राज्य को कृषि उत्पाद की मंडी (Agricultural Produce Market) घोषित कर दिया जाए.’’ उन्होंने कहा कि कोई भी इलाका जिसे मंडी (market) घोषित किया गया है वह नए कानून के दायरे से बाहर है. उन्होंने कहा कि इससे ‘‘बड़े कॉर्पोरेट शार्क’’ (Large corporate shark) प्रदेश में प्रवेश नहीं कर पाएंगे.

कृषि बिल को पास करा लेने के बाद भी किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी
बता दें कि केंद्र सरकार के लोकसभा और राज्यसभा में कृषि बिल को पास करा लेने के बाद भी किसानों (Farmers) का विरोध प्रदर्शन जारी है. इसे लेकर केंद्र सरकार ने किसानों के विरोध प्रदर्शन पर विपक्ष पर आरोप लगाया था कि कुछ लोग किसानों के बीच बिल को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. इस पूरे मामले पर केंद्रीय कृषि मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर ने फिर जोर देते हुए कहा था कि वह बिल के प्रावधानों पर किसी भी किसान से आधी रात को भी बात करने को तैयार हैं.
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कृषि बिल को लेकर पंजाब और हरियाणा के किसान सड़क पर उतरे. दोनों राज्यों के किसानों ने 25 सितंबर बंद का ऐलान किया था. पंजाब बंद के लिए 31 किसान संगठनों ने हाथ मिलाया था. जबकि हरियाणा में भारतीय किसान यूनियन समेत कई संगठनों ने हड़ताल के समर्थन की बात कही थी.
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