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वर्ष 2020 ने हेल्‍थ सर्विसेज के नए दौर की शुरुआत की: राम नाथ कोविंद

राष्‍ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा है कि वर्ष 2020 ने स्‍वास्‍थ्‍य सेवा के क्षेत्र में नए दौर की शुरुआत की है.

राष्‍ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा है कि वर्ष 2020 ने स्‍वास्‍थ्‍य सेवा के क्षेत्र में नए दौर की शुरुआत की है.

राष्‍ट्रपति राम नाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) ने कहा है कि वर्ष 2020 ने भारत समेत दुनियाभर के लिए स्‍वास्‍थ्‍य सेवा के क्षेत्र में नए दौर की शुरुआत की है. उन्होंने हर साल 24 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम ने अग्रणी भूमिका निभाई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 23, 2021, 11:07 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यसेवा प्रणाली को हर व्यक्ति के लिए सुगम बनाने की महत्ता रेखांकित की है. कोविंद ने कहा कि वर्ष 2020 ने भारत समेत दुनियाभर के लिए स्वास्थ्यसेवा के क्षेत्र में नए दौर की शुरुआत की.

उन्होंने हर साल 24 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम ने अग्रणी भूमिका निभाई. कोविंद ने कहा, ‘टीबी उन्मूलन के प्रयास जारी रखते हुए कोविड-19 से निपटने को लेकर उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है. भारत सरकार संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों के अनुसार सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है.’

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राष्ट्रपति ने कहा कि इसे ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तत्वावधान में लागू किया जा रहा है, जो कि दुनिया की सबसे बड़ी राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना है. कोविंद ने कहा, ‘वर्ष 2020 ने भारत समेत दुनियाभर के लिए स्वास्थ्यसेवा के क्षेत्र में नए दौर की शुरुआत की. कोविड-19 वैश्विक महामारी ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यसेवा प्रणाली को हर व्यक्ति के लिए सुगम बनाने की महत्ता रेखांकित की है.’

राष्ट्रपति भवन द्वारा कोविंद के हवाले से जारी बयान में कहा गया, ‘1882 में इसी दिन डॉ. रॉबर्ट कोच ने उस जीवाणु की खोज की घोषणा की थी, जिसके कारण टीबी होता है. इसने इस घातक बीमारी का पता लगाने और उसके उपचार का मार्ग प्रशस्त किया.’ स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में विकास के बावजूद क्षय रोग (टीबी) विश्वभर में लोगों की मौत के दस बड़े कारणों में से एक है. इसके कारण करीब 13 लाख लोगों की मौत और करीब एक करोड़ लोगों में इसके लक्षण प्रकट हुए हैं. दुनिया भर में टीबी के कुल मामलों में से भारत में करीब 27 फीसद दर्ज किए गए हैं. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के देश में टीबी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों में से एक संशोधित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम (आरएनटीसीपी)- आरएनटीसीपी भी है.
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