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कोरोना के इलाज में सावधानी जरूरी नहीं तो वायरस के स्वरूप में हो सकता है बदलाव: ICMR

ब्रिटेन के नए कोरोना स्ट्रेन से संक्रमित लोग भारत में भी मिले हैं. (Pic- AP)

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के प्रमुख बलराम भार्गव (Balram Bhargav) ने कहा कि वायरस के स्वरूप में कुछ समय पर बदलाव होते रहते हैं. लेकिन, कई बदलावों के बाद यह चिंता का कारण बन सकता है जैसा कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्वरूप के मामले में हुआ है.

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    नई दिल्ली. नए प्रकार के कोरोना वायरस (Covid-19 New Strain) को लेकर चिंताएं बढ़ने के बीच आईसीएमआर के प्रमुख (ICMR DG) ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 के इलाज के लिए उपचार पद्धति के इस्तेमाल में सावधानी बरतना जरूरी है अन्यथा वायरस की प्रतिरक्षा पर दबाव बन सकता है और इससे उसके स्वरूप में बदलाव आ सकता है.

    वायरस के स्वरूप में कुछ समय पर बदलाव होते रहते हैं
    भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के प्रमुख बलराम भार्गव ने कहा कि वायरस के स्वरूप में कुछ समय पर बदलाव होते रहते हैं. लेकिन, कई बदलावों के बाद यह चिंता का कारण बन सकता है जैसा कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्वरूप के मामले में हुआ है. यह करीब 60 प्रतिशत ज्यादा संक्रमण फैलाता है. भार्गव ने कहा, ‘यह चिंता की बात है. हम नए स्वरूप का पता लगाने के लिए देश में लगातार जांच कर रहे हैं.’

    प्रतिरक्षा पर बहुत ज्यादा दबाव के कारण स्वरूप में बदलाव आने लगता है
    आईसीएमआर के प्रमुख ने कहा कि वायरस की प्रतिरक्षा पर बहुत ज्यादा दबाव के कारण इसके स्वरूप में बदलाव आने लगता है. उन्होंने कहा, ‘प्रतिरक्षा पर दबाव पर्यावरण, संक्रमण के वाहक, उपचार या कई अन्य कारणों से हो सकता है. इसलिए, वैज्ञानिक बिरादरी के दृष्टिकोण पर ध्यान देना जरूरी है कि वायरस के प्रतिरक्षा तंत्र पर बहुत दबाव नहीं डाला जाए.’ उन्होंने कहा, ‘हमें फायदा पहुंचाने वाले उपचार का सावधानी से इस्तेमाल करना होगा.'



    टीका वायरस को रोकने में कारगर होगा
    नए प्रकार के कोरोना वायरस के मामलों के मद्देनजर क्या टीका प्रभावी होगा, इस पर भार्गव ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि टीका वायरस को रोकने में कारगर होगा. उन्होंने कहा, ‘निर्माण के अग्रिम चरण में पहुंच चुके ज्यादातर टीके एस-प्रोटीन और एमआरएनए को निशाना बनाते हैं. उपलब्ध आंकड़ों से हमें पता चला है कि ये टीके कारगर रहेंगे. हमें टीकाकरण के दौरान प्रतिरक्षा पर गौर करना होगा.’
    Published by:Arun Tiwari
    First published: