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'पुलिस डिपार्टमेंट में सिर्फ 10.3% महिला, देश के हर जिले में हो महिला थाना', संसद में प्रस्ताव

पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर (फोटो आभार glibs)

पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर (फोटो आभार glibs)

भारत में पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी केवल 10.0 फीसदी है. यह बात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा (Congess Sen ...अधिक पढ़ें

    देश में कई ऐसे विभाग, जहां महिलाओं का प्रतिनिधित्व बेहद कम है. पुलिस विभाग भी उन्हीं में से एक है. हाल ही में गृहमंत्रालय से संबंधित संसद की स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee) ने कहा है कि पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ 10.3 प्रतिशत है, जो बहुत ही कम है. ऐसे में देश के हर जिल में कम से कम पूर्ण रूप से महिला थाना स्थापित करने की आवश्यकता है और इसके लिए एक सही रूपरेखा बनाने की सख्त जरूरत है.

    संसदीय समिति का सुझाव
    गृह मंत्रालय से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने यह भी कहा कि पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी 33 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए एक रूपरेखा बनाई जानी चाहिए. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा इस समिति के अध्यक्ष हैं. संसद में पेश रिपोर्ट में कहा गया है, समिति इस बात से दुखी है कि पुलिस बल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सिर्फ 10.3 प्रतिशत है, जो बहुत कम है. समिति ने सुझाव दिया है कि गृह मंत्रालय को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को परामर्श देना चाहिए कि हर जिले में कम-से-एक ऐसा थाना स्थापित किया जाए, जहां सभी कर्मी महिलाएं हों.

    अतिरिक्त पदों का हो सृजन
    समिति ने यह भी कहा कि पुरुष पुलिस कर्मियों के रिक्त पदों पर महिलाओं की नियुक्ति करने के बदले उनके लिए अतिरिक्त पदों का सृजन किया जाए. इससे पुलिस और जनसंख्या के अनुपात में सुधार होगा. समिति ने यह अनुशंसा भी की है कि गृह मंत्रालय को यह परामर्श भी देना चाहिए कि पुलिस बल में शामिल महिलाओं को भी महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी दी जाए.

    महिला पुलिस थाना के लाभ
    असमानता को दूर करने अतिरिक्त यदि पुलिस कार्यबल में महिलाओं की संख्या अधिक होगी, तो इससे कई सामाजिक लाभ भी मिलेंगे. पीड़ित महिलाएं बगैर किसी भय के अपनी शिकायत थाने में दर्ज करवा पाएंगी और अपने कानूनी अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक हो सकेंगी.

     श्रीनगर में सकारात्मक पहल
    बीते 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शहर में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो महिला दस्ते की शुरुआत की है. मध्य कश्मीर रेंज के उप महानिरीक्षक सुजीत कुमार ने इन दस्तों को हरी झंडी दिखाई, जो श्रीनगर के कोचिंग सेंटरों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर गश्त करेंगे. प्रत्येक दस्ते में पांच-पांच व्यक्ति की टीम है, जिसका नेतृत्व पुलिस निरीक्षक खालिदा परवीन कर रही हैं.

    दिल्ली में पिंक बूथ
    फेरीवालों और खासकर महिला ग्राहकों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने हाल ही में जनपथ बाजार में ‘पिंक बूथ’ की शुरुआत की है. कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन की हद में आने वाले जनपथ बाजार में ‘पिंक बूथ’ का उद्घाटन नई दिल्ली के संयुक्त पुलिस आयुक्त एके सिंह ने किया. यह किसी भी स्थिति में खासकर महिलाओं और लड़कियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए हमेशा आगे रहेगा. इतना ही नहीं संकट में पड़ी महिला या लड़की को तत्काल महिला पुलिसकर्मी उपलब्ध करारकर सहायता प्रदान करेगा.

    Tags: Anand sharma, Parliamentary committee, Police

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