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भारत में मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने की जरूरत नहीं : जस्टिस दीपक मिश्रा

भारत में मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने की जरूरत नहीं

भारत में मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने की जरूरत नहीं

जस्टिस मिश्रा ने कहा, बाहरी देशों से लिए गए विचार हमेशा सही हों ये जरूरी नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर मैरिटल रेप को अपर ...अधिक पढ़ें

    भारत के पूर्व न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा है कि मैरिटल रेप या वैवाहिक बलात्कार को देश में अपराध की श्रेणी में नहीं रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये मेरा व्यक्तिगत विचार है लेकिन मुझे लगता है कि भारत में इस तरह के मामले अपराध की श्रेणी से बाहर होने चाहिए. जिस्टिस मिश्रा केएलई सोसायटी लॉ कॉलेज द्वारा परिवर्तनशील संवैधानिकता पर आयोजित नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे.

    जस्टिस मिश्रा ने कहा, बाहरी देशों से लिए गए विचार हमेशा सही हों ये जरूरी नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में रखा गया तो गांचाों में इससे कई परिवारों में पूर्ण अराजकता की स्थिति बन जाएगी. हमारा देश परिवार नाम की संस्था की वजह से अभी भी बचा हुआ है. हमारे देश में आज भी पारिवारिक मूल्य को तवज्जो दी जाती है. हमारे यहां आज भी पारिवारिक मूल्‍य होते हैं. हम आज भी पारिवारिक पृष्‍ठभूमि और दूसरे पहलुओं का सम्‍मान करते हैं.

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    पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने मैरिटल रेप पर जो बातें कहीं वह एक छात्र के सवाल के जवाब में कहीं. फर्स्‍ट इयर के एक छात्र ने उनसे पूछा था कि , 'क्‍या आपको नहीं लगता कि भारत में बलात्‍कार के कानूनों में संशोधन की जरूरत है? क्‍या बलात्‍कार के कानूनों को लिंग भेद से परे नहीं होना चाहिए और मैरिटल रेप को भी अपराध माना जाना चाहिए ?'

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    Tags: CJI Deepak Mishra, Crime report, India, Rape, Trending news

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