लाइव टीवी

यौन उत्पीड़न साबित करने के लिए शरीर पर चोट के निशान होना जरूरी नहीं- मद्रास हाईकोर्ट

भाषा
Updated: October 20, 2019, 8:52 AM IST
यौन उत्पीड़न साबित करने के लिए शरीर पर चोट के निशान होना जरूरी नहीं- मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट की फाइल फोटो

जस्टिस एस वैद्यनाथन ने इस दलील को खारिज कर दिया कि किसी भी शारीरिक हिंसा की स्थिति में शारीरिक चोट लगी होगी और उसकी गैरमौजूदगी में यह नहीं कहा जा सकता है कि पीड़िता यौन उत्पीड़न का शिकार नहीं हुई.

  • Share this:
चेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने कहा है कि कथित रूप से यौन दुर्व्यवहार के पीड़ित किसी नाबालिग के शरीर पर चोट के निशान नहीं होने के आधार पर ये नहीं कहा जा सकता है कि कोई अपराध नहीं हुआ है.

हाईकोर्ट ने निचली अदालत के एक आदेश को बरकरार रखते हुए यह बात कही, जिसमें एक व्यक्ति को IPC के तहत 10 साल के सश्रम कारावास और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 (Pocso Law, 2012) के तहत सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी.

जस्टिस एस वैद्यनाथन ने आरोपी के वकील के इस तर्क को खारिज कर दिया कि किसी भी शारीरिक हिंसा की स्थिति में जो व्यक्ति हिंसा का शिकार हुआ है, उसे शारीरिक चोट लगी होगी, जिसके अभाव में ये नहीं कहा जा सकता है कि पीड़ित का यौन उत्पीड़न हुआ.

वकील द्वारा दिया गया तर्क अपमानजनक- जज

जज ने कहा, ‘यह आरोपियों के वकील द्वारा दिया गया एक बेहद अपमानजनक तर्क है, क्योंकि नाबालिग लड़की को यह भी नहीं पता था कि उसे क्यों खींचा जा रहा है और क्यों छुआ गया.’ उन्होंने, ‘इसलिए, यह अनुमान लगाया जा सकता है कि नाबालिग लड़की कोई विरोध नहीं कर सकती है और किसी भी तरह के विरोध के अभाव में स्वाभाविक रूप से शरीर पर चोट लगने की कोई गुंजाइश नहीं है.’

जज ने कहा कि सिर्फ शारीरिक चोट के अभाव में यह नहीं कहा जा सकता है कि कोई अपराध हुआ ही नहीं, खासतौर से तब जबकि यह पता चला हो कि लड़की के कपड़ों पर वीर्य पाया गया है. पीड़ित लड़की की मां ने 27 मई 2016 को शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी प्रकाश ने 12 साल की लड़की को जबरन अपने घर ले गया और उसके साथ यौन दुर्व्यवहार किया.

निचली अदालत ने प्रकाश को दोषी ठहराया और आईपीसी के तहत 10 साल के सश्रम कारावास और पोक्सो कानून के तहत सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई.
Loading...

यह भी पढ़ें: पहली बार देरी से पहुंची तेजस एक्सप्रेस, अब यात्रियों को मिलेगा मुआवजा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 20, 2019, 8:01 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...