भारत की युवा प्रतिभाओं की बदौलत आने वाले समय में सिर्फ ‘मेक इन इंडिया’ होगा : निशंक

भारत की युवा प्रतिभाओं की बदौलत आने वाले समय में सिर्फ ‘मेक इन इंडिया’ होगा : निशंक
छात्रों के सवाल पर रमेश पोखरियाल (Ramesh Pokhriyal) बोले देश में न कोई मेड इन चाइना होगा और न ही कोई मेड इन जापान होगा सिर्फ मेक इन इंडिया होगा.

छात्रों के सवाल पर रमेश पोखरियाल (Ramesh Pokhriyal) बोले देश में न कोई मेड इन चाइना होगा और न ही कोई मेड इन जापान होगा सिर्फ मेक इन इंडिया होगा.

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नई दिल्ली. मानव संसाधन विकास (Human Resource Development) मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal) ने मंगलवार को कहा कि भारत के युवाओं और प्रतिभाओं में एक ऐसी ताकत, दृष्टि और क्षमता है कि आने वाले समय में देश में न कोई मेड इन चाइना और न ही कोई मेड इन जापान होगा, बल्कि सिर्फ मेक इन इंडिया होगा. महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के 150वें जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में निशंक ने कर्नाटक की छात्रा मधुलता और राजस्थान की छात्रा दृष्टि के सवाल के जवाब में यह बात कही.

निशंक से छात्रों ने किया था सवाल
छात्राओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पूछा था कि महात्मा गांधी का प्रिय विषय स्वदेशी रहा है लेकिन भारत में मेड इन चाइना काफी दिखाई देता, ऐसे में हम क्या पहल कर रहे हैं? मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि वह सोमवार को आईआईटी मद्रास के एक समारोह मे हिस्सा लेने गए थे. वहां छात्रों के कई इनोवेशनस और एक्सपेरिमेंट्स को देखा, ये अपने आप में अद्भुत थे. ये मेक इन इंडिया की दिशा में अहम कदम के प्रतीक थे. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और प्रतिभाओं में ताकत है, दृष्टि है, क्षमता है. मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में न कोई मेड इन चाइना होगा, न कोई मेड इन जापान होगा सिर्फ मेक इन इंडिया ही होगा. छात्रों ने महात्मा गांधी के अहिंसा, प्रेम के संदेश के बारे में भी सवाल किये.

इन राज्यों के छात्रों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की बात
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कर्नाटक, राजस्थान, असम और उत्तराखंड के छात्रों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रमेश पोखरियाल निशंक से संवाद किया. समारोह के दौरान निशंक ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएसई द्वारा आयोजित एक्सप्रेशन सीरीज प्रतियोगिता में विजयी कुछ छात्रों को सम्मानित भी किया.



खादी के कपड़े पहनने का दिया सुझाव
स्वदेशी को बढ़ावा देने का जिक्र करते हुए निशंक ने कहा कि सीबीएसई ने बताया है कि उसने बच्चों को महीने में एक दिन स्वेच्छा से खादी के कपड़े पहनकर आने का सुझाव दिया है. महात्मा गांधी के स्वच्छता संदेश को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि गंदगी में विचार और संस्कार गंदे आते हैं. ऐसे में हमारे प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को दुनिया ने अभिनव विचार के रूप में स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि प्रकृति के अनुरूप काम नही करने से परेशानियां आती हैं. ऐसे में हर हाल में प्रकृति संरक्षण जरूरी है.

मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि प्रकृति संरक्षण के बारे में जागरूकता अभियान के तहत हर छात्र एक पेड़ लगाए, अपने जन्मदिन पर एक पेड़ लगाए, उसे सुरक्षित रखे और हर छह महीने में उस पेड़ के साथ एक सेल्फी लेकर टीचर के साथ शेयर करेंं.

निशंक ने कहा कि एक बार उपयोग में आने वाला प्लास्टिक हर दृष्टि से जीवन, भविष्य एवं आने वाली पीढ़ी के लिये घातक है. ऐसे में जिस प्रकार से महात्मा गांधी ने अंग्रेजो भारत छोड़ो का नारा दिया था, उसी प्रकार से हम कह रहे हैं कि प्लास्टिक भारत छोड़ो. निशंक ने कहा कि आज जब दुनिया आतंकवाद की मार झेल रही है, ऐसे में महात्मा गांधी के संदेश पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक एवं अनुकरणीय हैं.

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