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CBI vs CBI: आपसी झगड़े से इन 6 मामलों की जांच पर आ सकती है आंच

CBI vs CBI: आपसी झगड़े से इन 6 मामलों की जांच पर आ सकती है आंच

News18 Illustration

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ऐसे कई केस सीबीआई के पास हैं जो 2019 के लोकसभा चुनाव में राजनीतिक मुद्दा बन सकते हैं. लोगों को उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव से पहले सीबीआई इन मामलों को सुलझा लेगी, लेकिन अब स्थिति ऐसी लग नहीं रही है.

    अनिल राय 

    केन्द्रीय जांच ब्यूरो. देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी. दूसरे के काले कारनामों को जांचने वाली एजेंसी. विडंबना देखिए एजेंसी खुद की जांच में उलझी है. सीबीआई खुद से जंग लड़ रही है. देश के इतिहास में पहली बार किसी भी एजेंसी में नम्बर 1 और नंबर 2 के बीच ऐसी विकट सूरत बनी है.

    हालत ये है कि दोनों एक-दूसरे को जेल भेजने पर आमादा हो गए लिहाजा सरकार ने आधी रात में हस्तक्षेप कर दोनों को किनारे कर दिया. एजेंसी में अस्थायी निदेशक तो दे दिया गया है, लेकिन सवाल ये है कि क्या एजेंसी की साख इसके बाद बच पाएगी? क्या उन जांचों पर असर नहीं पड़ेगा, जो अब तक सीबीआई की नाक का सवाल बनी हुई थी?

    ऐसे कई केस सीबीआई के पास हैं, जो 2019 के लोकसभा चुनाव में राजनीतिक मुद्दा बन सकते हैं. लोगों को उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव से पहले सीबीआई इन मामलों को सुलझा लेगी, लेकिन एजेंसी के अंदर ही अचानक पैदा हुआ तूफान और तूफान के नतीजे में हुए बदलाव के बाद लगता नहीं कि सबकुछ इतनी आसानी से पटरी पर आ पाएगा. क्योंकि एक दर्जन आंतरिक ट्रांसफर के बाद सीबीआई इन जांचों को समय रहते मुकाम तक पहुंचा पाएगी इस पर सवाल उठना लाजिमी है.

    सीबीआई में हुई इस उठापटक के बाद जिन छह मामलों की जांच पर असर पड़ सकता है, वे इस तरह हैं-

    • विजय माल्या प्रत्यर्पण केस


    • कई बैंकों का 9400 करोड़ का देनदार विजय माल्या 2 मार्च 2016 को देश छोड़कर फरार हो गया था.

      1. मेहुल चौकसी केस


      पंजाब नेशनल बैंक लोन घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है. सीबीआई अभी मेहुल चौकसी का प्रत्यर्पण कराने की कोशिश में लगी है.

      1. अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाला


      यह जांच भारत द्वारा अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से खरीदे जा रहे हेलिकॉप्टरों से संबंधित है. यह मामला 2013-14 में सामने आया. कई भारतीय राजनेताओं और सैन्य अधिकारियों पर अगस्ता वैस्टलैंड से मोटी घूस लेने का आरोप है.

      ये भी पढ़ें: CBI रिश्वत मामला: अस्थाना को मिली कोर्ट से राहत, 29 तक नहीं हो सकते गिरफ्तार

      1.  शारदा चिटफंड घोटाला


      पश्चिम बंगाल की चिटफंड कंपनी शारदा ग्रुप ने आम लोगों को ठगने के लिए कई लुभावने ऑफर दिए. सागौन से जुड़े बॉन्ड्स में निवेश से 25 साल में रकम 34 गुना करने का ऑफर दिया. वहीं आलू के कारोबार में निवेश के जरिए 15 महीने में रकम दोगुना करने का सब्जबाग दिखाया. 10 लाख लोगों से पैसे लिए. जब रकम लौटाने की बारी आई तो 20,000 करोड़ रुपये लेकर दफ्तरों पर ताला लगा दिया.

      1.  उत्तर प्रदेश पीसीएस भर्ती घोटाला


      उत्तर प्रदेश में अप्रैल 2012 से मार्च 2017 के बीच आयोग में हुई भर्तियों की सीबीआई जांच कर रही है. इसमें पीसीएस सहित अन्य भर्तियों की स्केलिंग में नंबर के बढ़ने और घटने की मिली शिकायतों पर जांच की जा रही है.

      1.  यादव सिंह केस


      नोएडा में तैनात चीफ इंजीनियर यादव सिंह के खिलाफ सीबीआई ने 30 जुलाई 2015 को केस दर्ज किया था. यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था.

      हालांकि सीबीआई के कार्यकारी निदेशक नागेश्वर राव ने संकेत दिया है कि विजय माल्या और अगस्ता वेस्टलैंड जैसे मामलों की निगरानी वे खुद करेंगे. लेकिन एजेंसी के अंदर खुद जो हालात हैं उसमें दूसरों की कितनी और किस तरह से जांच सीबीआई कर पाएगी ये बड़ा सवाल जरूर रहेगा.

      ये भी पढ़ें: स्पेशल रिपोर्ट: सीबीआई में आंतरिक जंग, केंद्र ने दिया दखल

    Tags: CBI, General Election 2019, Mehul choksi, Narendra modi, Vijay mallaya

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